देवास में डेढ़ वर्षीय मादा तेंदुए का शव शनिवार को शंकरगढ़ पहाड़ी के लालगारा क्षेत्र में मृत अवस्था में मिला था। रविवार को शव का पोस्टमॉर्टम लोहारपीपल्या नर्सरी में वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया गया, जिसके बाद उसका दाह संस्कार किया गया। सबसे पहले एक किसान ने तेंदुए को मृत अवस्था में देखा था और क्षेत्रीय पार्षद को सूचना दी थी। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को बरामद किया। मामले की जांच के लिए वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड के साथ सर्च अभियान चलाया। इस दौरान टीम को शिकार करने वाला एक फंदा मिला, जिससे तेंदुए के शिकार की आशंका जताई गई। संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया
रविवार को वन विभाग की टीम ने सातखोरी क्षेत्र में दोबारा सर्च अभियान चलाया। इस दौरान कुछ घरों से शिकार करने वाले फंदे और जालियां बरामद की गईं। वन विभाग ने कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है। पार्षद प्रतिनिधि रामचरण पटेल ने बताया कि वन विभाग की टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी ली है। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों के बयान दर्ज होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पटेल ने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में अक्सर एक मादा तेंदुआ और उसके दो शावक किसानों को दिखाई देते हैं। उन्होंने पहले इनके बचाव के लिए डीएफओ को आवेदन दिया था। तेंदुए के कारण किसानों की सुरक्षा के लिए विधायक की अनुशंसा पर दिन में बिजली की आपूर्ति भी करवाई गई थी, क्योंकि रात में जंगली जानवरों से किसानों को खतरा रहता है।


