देवास में हाईवे प्रभावित ग्रामीणों का विस्थापन पर विरोध:मातमोर की जमीन छोड़ दूसरी पंचायत भेजने पर कलेक्टर को ज्ञापन

देवास में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण से प्रभावित मातमोर के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की कि उन्हें पूर्व में आवंटित भूमि पर ही मकान बनाने की अनुमति दी जाए और अन्य पंचायत में विस्थापित न किया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि वे ग्राम मातमोर, तहसील बागली के स्थायी निवासी हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत उनके मकानों का अधिग्रहण हो चुका है। अधिग्रहण के बाद प्रशासन ने उन्हें मकान निर्माण के लिए ग्राम मातमोर में ही भूमि आवंटित की थी। तीन किमी दूर गांव में प्लाट दिया जा रहा
ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने इस आवंटित भूमि पर मकान बनाने के लिए गड्ढे खोद लिए थे और कुछ परिवारों ने कच्चे मकान भी बना लिए थे। अब उन्हें इसी भूमि से हटाकर लगभग तीन किलोमीटर दूर ग्राम उमरिया में प्लाट दिए जा रहे हैं। उमरिया ग्राम पंचायत मातमोर के अंतर्गत न होकर बामनखेड़ी पंचायत में आता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कदम से उन्हें अपने मूल गांव और सामाजिक परिवेश से अलग होकर अन्य पंचायत में निवास करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे वे असंतुष्ट हैं। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि उन्हें पूर्व में ग्राम मातमोर में आवंटित भूमि पर ही मकान निर्माण की अनुमति दी जाए, ताकि वे अपने गांव से जुड़े रह सकें। प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर महोदय से इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।

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