राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) देहरादून द्वारा इस माह देशभर में बाघों की गणना की जाएगी। बुरहानपुर जिले में मांसाहारी वन्यप्राणियों की अधिक संख्या को देखते हुए यहां गणना तीन चरणों में होगी। गिनती 18 दिसंबर से शुरू होगी, इसके लिए वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तीन चरणों में बाघों की होगी गिनती
जिले की आठ रेंजों – नेपानगर, असीरगढ़, धूलकोट, बुरहानपुर, खकनार, बोदरली, शाहपुर और नावरा – में वनकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पहले चरण में वनकर्मी गणना करेंगे, जिसके बाद वन्यप्राणी विशेषज्ञ दूसरे चरण में गणना करेंगे। तीसरे चरण में कैमरा ट्रैपिंग के माध्यम से बाघों की संख्या का आकलन किया जाएगा। हर चार साल में होती है गणना वन विभाग द्वारा हर चार साल में एक बार बाघों की गणना कराई जाती है। इस वर्ष यह कार्य 18 दिसंबर से लगातार छह दिनों तक चलेगा। पहले तीन दिनों में प्रत्येक बीट में ट्रांजेक्ट लाइन पर शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना और उनके साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे। अगले तीन दिनों में बाघ सहित अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों की गणना और उनके साक्ष्य जुटाए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया एम-स्ट्रीप मोबाइल ऐप के माध्यम से संपन्न होगी। सोमवार को नेपानगर रेंज के वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। एसडीओ विक्रम सुलिया ने बताया कि नेपानगर परिक्षेत्र में अखिल भारतीय बाघ आकलन के तहत मांसाहारी और शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना कैसे की जाए, इस बारे में जानकारी दी गई। बुरहानपुर वन मंडल की सभी आठ रेंजों में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है।


