भास्कर न्यूज| खरसावां पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र कोलकाता संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से हर घर तिरंगा अभियान के तहत सरायकेला-खरसावां जिले के विभिन्न विद्यालयों में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान के तहत ब्लू बेल्स इंग्लिश स्कूल खरसावां में क्विज, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय खरसावां में रंगोली एवं आदर्श मध्य विद्यालय खरसावां में चित्रांकन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में बड़े पैमाने पर स्कूली छात्राओं ने हिस्सा लिया एवं चित्रांकन, रंगोली और क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से आजादी का अमृत उत्सव मनाया। वहीं प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से 2 से 15 अगस्त तक संपूर्ण देश में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य लोगों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करना है। ताकि वह अपने देश के प्रति गर्व और देशभक्ति की भावना महसूस कर सकें। यह अभियान आजादी का अमृत महोत्सव का एक हिस्सा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आयोजित क्विज प्रतियोगिता में हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा एवं देश से संबंधित कई प्रश्न पूछे गए, जिनका जवाब छात्र-छात्राओं ने दिया। वहीं रंगोली प्रतियोगिता में बालक-बालिकाओं ने तिरंगे का विभिन्न आकर्षक रूप प्रस्तुत किया। जबकि चित्रांकन प्रतियोगिता के तहत आदर्श विद्यालय खरसावां के बालक बालिकाओं ने विभिन्न रंगों से कई आकर्षक चित्रों को कैनवास पर उकेरा। इन कार्यक्रमों की सफलता में लोक कला मंच के कलाकारों के साथ-साथ सांसद प्रतिनिधि छोटराय किस्कू, बीपीओ पंकज कुमार महतो, ब्लू बेल्स के प्रिंसिपल श्री डोमनिक राज, कन्या मध्य विद्यालय के प्राचार्य उमा कुमारी एवं आदर्श मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक अब्दुल मजीद खान एवं अन्य शिक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरायकेला| काशी साहू महाविद्यालय मे सरायकेला में झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर बुधवार को शोक सभा का आयोजन किया गया। शोकसभा की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्णा प्यारे ने की। इस अवसर पर प्राचार्य ने शिबू सोरेन के जीवन और उनके अतुलनीय योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने आदिवासी समुदाय के अधिकारों और झारखंड राज्य के गठन के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में झारखंड की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हुई और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है। शोक सभा में महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मी और छात्र-छात्राए उपस्थित थे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राचार्य डॉ. कृष्णा प्यारे ने उनके सादगीपूर्ण जीवन और जनसेवा के प्रति समर्पण को प्रेरणादायक बताया। सभा में उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को। अपनाने और झारखंड के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।


