अमृतसर में देश के महान योद्धाओं, स्वतंत्रता सेनानियों, देशभक्तों की प्रतिमाओं का जाने अनजाने में अपमान हो रहा है। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि जिन योद्धाओं को सम्मान देने के लिए उनकी प्रतिमाएं लगाई गईं, आज उन्हीं पर धूल-मिट्टी और पक्षियों का मल जमा है और कोई उनकी सुध लेने वाला नहीं है। यह केवल कुछ मूर्तियों की बात नहीं, बल्कि यह देश के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी और सम्मान की कमी को दर्शाता है। शहर के प्रमुख चौराहों पर लगी इन प्रतिमाओं की दयनीय हालत देखकर यह सवाल उठता है कि क्या हमने इन महान आत्माओं को सिर्फ नाम और पत्थरों तक ही सीमित कर दिया है? डॉ. सैफुद्दीन किचलू चौक (जिसे कचहरी चौक भी कहते हैं) पर लगी उनकी प्रतिमा की हालत खराब है। यह वही जगह है जहां से शहर के डिप्टी कमिश्नर, कमिश्नर, एमपी जैसे बड़े अधिकारी और नेता रोजाना गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण लोगों के आने-जाने के बावजूद, किसी का ध्यान इन प्रतिमाओं की सफाई पर नहीं जाता। इसी तरह राम सिंह घाला माला चौक पर लगी उनकी प्रतिमा भी उपेक्षा का शिकार है। इसके अलावा, शहीद उधम सिंह की प्रतिमा जो हाल गेट चौक पर लगी है, उसकी हालत भी ठीक नहीं है।


