जालंधर| सोमवार को राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा की तरफ से राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासकीय कॉम्पलेक्स में सुपरिंटेंडेंट को ज्ञापन सौंपा। देश में ईसाई समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा और अत्याचारों को लेकर यह ज्ञापन दिया गया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि ईसाई समुदाय की आबादी हमेशा संविधान के देशभक्ति, बंधुत्व, समानता और स्वतंत्रता के मूल्यों को बरकरार रखने में विश्वास रखती है। यूनाइटेड क्रिश्चियन फोरम के अनुसार साल 2024 में हिंसा और प्रताड़ना की 834 घटनाएं दर्ज की गई जो 2014 में 147 घटनाओं के मुकाबले चार गुना ज्यादा हैं। उत्तर प्रदेश में 188, छत्तीसगढ़ में 150, राजस्थान 40, पंजाब 38, हरियाणा में सबसे ज्यादा 34 मामले हैं। इसके अलावा राजनीतिक और धार्मिक मंचों से खुलेआम ईसाई समुदाय के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं जो गलत है और केंद्र सरकार भी उन्हें रोक नहीं पा रही है। इस मौके पर भरत बतरा, राजिंदर बतरा, डॉ. कमल थापर, आरएस तेजी, बलराज, राजेश नाहर, अनिल सहोता, अशोक गिल, भरत भूषण, रवि पाल, राजविंदर घटी, पवन सहोता, गौरव, सोनू कोटरामदास, रमेश कुमार चौहान मौजूद थे।


