ग्रेटर नगर निगम की ओर से शहर के सीवर के पानी का ट्रीटमेंट करने के लिए दहलावास में लगाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की दो यूनिट अपग्रेड हो गई और एक नई यूनिट बनाई गई है। तीन साल में पूरा हुआ अपग्रेडेशन और नए यूनिट के निर्माण पर 229.50 करोड़ रु. खर्च हुए हैं। यह निर्माण कार्य खिलारी इंफ्रास्ट्रक्चर ने किया है और इसी फर्म को 10 वर्ष के लिए इसका संचालन व संधारण कार्य 49.28 करोड़ रु. में सौंपा है। अब शहर का 215 मिलियन लीटर सीवरेज (एमएलडी) पानी का ट्रीटमेंट हो सकेगा। निगम के अधिशाषी अभियंता (प्रोजेक्ट) उमंग राजवंशी ने बताया कि देहलावास स्थित एसटीपी प्लांट की दोनों प्रथम व द्वितीय यूनिट पुरानी तकनीक पर आधारित थी। इससे यह प्लांट वर्तमान मानदंडों की पूर्ति नहीं कर पा रहा था। इस वजह से दोनों यूनिट का अपग्रेडेशन कराया गया। दोनों यूनिट की शोधन क्षमता पहले 125 एमएलडी ही थी, जबकि 150 एमएलडी सीवरेज प्लांट पर प्राप्त हो रहा था। इससे प्लांट पर पहुंच रहे पूरे सीवरेज पानी का शोधन नहीं हो पा रहा था। इसे देखते हुए नई यूनिट का निर्माण कराया गया। बायोगैस का पावर जेनरेशन प्लांट व सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाया दहलावास में नई यूनिट के साथ ही एनर्जी न्यूट्रल करने के लिए 1.2 मेगावॉट क्षमता का बायोगैस आधारित पावर जेनरेशन प्लांट भी लगाया गया है। साथ ही 1.5 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित िकया गया है। बुधवार को दोनों अपग्रेड यूनिट के साथ नई यूनिट का स्वायत्त शासन मंत्री झामर सिंह खर्रा व बगरू विधायक कैलाश वर्मा ने लोकार्पण किया। इस मौके पर ग्रेटर नगर निगम महापौर डॉ.सौम्या गुर्जर सहित देशभर के 30 शहरों से आए मेयर व अन्य गणमान्य जन भी मौजूद रहे। बायोगैस का पावर जेनरेशन प्लांट व सौर ऊर्जा संयत्र भी लगाया


