दैनिक भास्कर वार्ड टॉक- पार्षद अभिषेक शर्मा से सीधी बात:बोले- जनसंवाद से ही किया वार्ड का विकास, शटडाउन में भी नहीं आती पानी की दिक्कत

इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 81 पहुंचे हैं, जहां से अभिषेक शर्मा बबलू पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब।
सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि कौन-सी है?
जवाब: सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इस वार्ड में पारिवारिक वातावरण बना हुआ है। हमने वार्ड के रहवासियों के साथ बैठकर ही विकास की योजनाएं तैयार कीं और उन्हें जनता पर थोपने के बजाय सहमति से लागू किया। जब हमने काम शुरू किया, तो सबसे पहले जमीन के अंदर होने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी। सीवरेज लाइन में सुधार किया गया, नर्मदा जलप्रदाय प्रणाली को बेहतर बनाया गया और अवंतिका की लाइनें डाली गईं। ताकि अगले दो-तीन वर्षों तक बार-बार खुदाई न करनी पड़े, सभी कार्य एक साथ पूरे किए गए। ये सभी काम पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान में तीन-चार कॉलोनियों में नर्मदा जलप्रदाय का कार्य चल रहा है। हम 11 गार्डनों पर काम कर रहे हैं, जिनमें कई स्थानों पर विकास कार्य प्रगति पर है। जहां सड़कें और ब्लॉक पुराने हो चुके थे या असमान हो गए थे, उन्हें सुधारा जा रहा है। वार्ड के 90 प्रतिशत क्षेत्र में एलईडी लाइटें लग चुकी हैं। ट्रैफिक की समस्याओं का भी समाधान किया गया है। वार्ड में क्रिकेट टर्फ का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे कई विकास कार्य हैं, जो हम सभी के सहयोग से लगातार कर रहे हैं। सवाल: जनता की सबसे आम शिकायत क्या आती है?
जवाब: हमारे वार्ड में कोई बड़ी समस्या नहीं है। यह मां अन्नपूर्णा का क्षेत्र है और अहिल्या माता व नर्मदा माता की कृपा से यहां बड़ी परेशानियां नहीं आतीं। कभी-कभी छोटी समस्याएं सामने आती हैं, जैसे ड्रेनेज का चोक होना, लीकेज या स्वच्छता मित्र के अवकाश पर होने से सफाई से जुड़ी शिकायतें। शटडाउन के दिन पानी की आवश्यकता महसूस होती है। इसके समाधान के लिए हमने कुओं का गहरीकरण कराया, उनकी साफ-सफाई करवाई और उनमें मोटर लगाकर पाइपलाइन जोड़ी है, ताकि शटडाउन के दिनों में टैंकरों पर निर्भर न रहना पड़े और जनता को उसी लाइन से पानी उपलब्ध कराया जा सके। सवाल: किन इलाकों में काम नहीं हो पाया?
जवाब: ऐसा कोई इलाका नहीं है जहां काम न हुआ हो। हर कॉलोनी में विकास कार्य किए गए हैं। यहां की एक बस्ती में भी सीवरेज, ड्रेनेज और नर्मदा जलप्रदाय का काम किया गया है। पुरानी बस्ती में नर्मदा की नई लाइनें डाली गई हैं और सीवरेज का कार्य किया गया है। नाथ बस्ती में भी नर्मदा की लाइन डाली जा चुकी है। फिलहाल मेंटेनेंस का काम नियमित रूप से किया जा रहा है। गार्डनों के सौंदर्यीकरण की आवश्यकता है, कुछ दीवारें खराब हो गई हैं, जिनका कार्य जारी है। कुल 13 से 14 गार्डनों को लक्ष्य में लेकर काम किया जा रहा है। सवाल: अगले 6 महीने का रोडमैप क्या है?
जवाब: हमारा मुख्य फोकस गार्डनों के विकास और उन्हें पूरा करने पर है। कुछ सड़कों की टॉप लेयर खराब हो गई है, जिन्हें दोबारा ठीक किया जाएगा। सड़कों को फिर से नहीं खोदा जाएगा, क्योंकि यह जनता का पैसा है। जो ब्लॉक पहले से लगे हैं और समय के साथ ऊपर-नीचे हो गए हैं, उन्हें रिफिक्स किया जाएगा। यही हमारे प्रमुख कार्य हैं। इसके अलावा वार्ड में स्थित सुंदर अन्नपूर्णा तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया जाएगा। गौपुर चौराहे और चाणक्यपुरी में फ्लाइओवर की मांग स्वीकृत हो चुकी है। इनका सर्वे भी पूरा हो गया है और आने वाले दिनों में इनके निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।

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