गुरमीत लूथरा | अमृतसर एडवोकेट हरसिमरनजीत सिंह भाटिया हर माह जेब से 15 हजार खर्च कर जरुरतमंदों की निष्काम सेवा करने में जुटे हुए हैं। 2014 में चाइना डोर की चपेट में आए 9 साल के बच्चे की हालत देख उन्होंने उक्त डोर से शहरवासियों का बचाव करने के काम को अपना मिशन बना लिया। उन्होंने चाइना डोर से घायल करीब 40 लोगों का मुफ्त इलाज करवाया है जिन्हें उपचार दौरान 12 से 72 टांके लगाने पड़े थे। चाइना डोर से लोगों को बचाने व जागरुक करने के मकसद से हरसिमरन की अगुवाई में जस्ट सेवा सोसायटी के सदस्य अब तक 100 से ज्यादा स्कूलों में जागारूकता कैंप लगा चुके हैं। हरसिमरन ने कहा कि जरुरतमंदों की मदद की प्रेरणा मां जीवन मुक्त कौर (70) से मिली है। करोना काल में जब लोग डर से घर बैठ गए थे तो मां ने प्रभावितों की सेवा करने के लिए अस्पतालों में भेज दिया था। चाइना डोर से बचाव के लिए हरसिमरन 6 माह में दोपहिया वाहन चालकों को करीब 3500 सेफ्टी एंगल बांटे चुके हैं। उन्होंने फूड डिलीवरी ब्वॉयस के दोपहिया वाहनों पर 500 से ज्यादा एंगल लगाए। उन्होंने कहा कि 6 माह पहले गुजरात गए थे तथा 33 रुपए प्रति एंगल के हिसाब से 5 हजार एंगल खरीदे थे। इनमें से 3500 बांट चुके हैं। उनका मानना है कि जब तक चाइना डोर के बनाने पर रोक नहीं लगती तब तक इसे रोक पाना संभव नहीं है। हरसिमरन बाढ़ पीड़ितों की मदद भी आगे रहे थे।


