शाजापुर में दोस्त की हत्या कर उसे हादसे जैसा दिखाने की कोशिश करने वाले आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जज ने 22 वर्षीय विनोद पिता शिवनारायण, निवासी ग्राम बिकला खेड़ी को आजीवन कारावास और 1000 रुपए अर्थदंड और सबूत छुपाने के अपराध में तीन साल का कठोर कारावास और 500 रुपए अर्थदंड लगाया गया है। रेलवे ट्रैक पर दो हिस्सों में मिला था शव अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी रमेश सोलंकी ने बताया कि घटना 16 नवंबर 2022 की रात करीब 9:30 बजे हुई थी। शाजापुर रेलवे स्टेशन मास्टर हरिमन मीणा ने पुलिस को सूचना दी कि मझानिया रेलवे लाइन पर पोल क्रमांक 1273/12 और 1273/13 के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का शव ट्रेन से कटा हुआ मिला है। सुनेरा पुलिस जब मौके पर पहुंची तो शव दो हिस्सों में मिला। रेलवे लाइन से कच्चे रास्ते तक करीब 22 मीटर तक घसीटने के निशान और खून भी पाया गया। शव की पहचान नहीं होने पर 17 नवंबर को पोस्टमॉर्टम के बाद उसे शाजापुर के श्मशान घाट में दफना दिया गया। भाई ने की पहचान, जांच में सामने आया सच 17 नवंबर को मृतक के भाई राजेंद्र वर्मा को घटना की जानकारी मिली। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका भाई सुनील वर्मा देवास से अपने मित्र विनोद से मिलने शाजापुर आया था। अगले दिन तहसीलदार की मौजूदगी में शव को बाहर निकालकर परिजनों को दिखाया गया, जिसके बाद उसकी पहचान सुनील वर्मा के रूप में हुई। पत्नी को लेकर विवाद में हुई हत्या पुलिस जांच में पता चला कि घटना वाले दिन मृतक सुनील, आरोपी विनोद और उसका साथी पवन सौराष्ट्रीय मझानिया रेलवे लाइन के पास ढाबे पर खाना खाने के बाद वहीं शराब पी रहे थे। इसी दौरान विनोद और सुनील के बीच आरोपी की पत्नी को लेकर विवाद हो गया। गुस्से में विनोद ने सुनील के सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी और बाद में शव को घसीटकर रेलवे ट्रैक पर रख दिया, ताकि यह दुर्घटना लगे। मोबाइल लोकेशन ने खोला राज जांच अधिकारी टीआई मनीष दुबे ने सभी आरोपियों के मोबाइल जब्त कर साइबर सेल से कॉल डिटेल और टावर लोकेशन निकलवाई। इसमें घटना समय तीनों की लोकेशन घटनास्थल पर पाई गई। सभी परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को सही मानते हुए विनोद को दोषी ठहराया। मामले में अभियोजन की पैरवी अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी रमेश सोलंकी ने की।


