मकर संक्रांति पर सोमवार-मंगलवार को 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है। तिल, गुड़ एवं शक्कर से बने व्यंजनों की मिठास 10 प्रतिशत तक महंगी है लेकिन इनकी बिक्री पर कोई असर नहीं आ रहा। शहर में 10 से ज्यादा बड़े गजक निर्माता हैं, जो बड़े स्तर पर उत्पादन करते हैं। वहीं 500 से ज्यादा छोटे-बड़े रिटेलर हैं जो बाजार में बिक्री करने को तैयार है। अजमेर में बनने वाले आयटम के अलावा ब्यावर की तिलपट्टी की मांग तो अजमेर में है ही, इसके अलावा आगरा से आई काजू तिल पट्टी और बठिंडा की गुड़-मूंगफली चिक्की नरम होने के कारण शहरवासियों की पसंद बनी हुई है। गुड़-मूंगफली चिक्की का स्थानीय स्तर पर भी उत्पादन किया जा रहा है। गजक एवं तिल गुड़ के व्यंजनों के थोक एवं रिटेल विक्रेता अमित गर्ग बताते हैं कि बाजार में 360 रुपए की गुड़ मूंगफली चिक्की से लेकर 1400 रुपए की ड्राइ फ्रूट्स चिक्की भी है। पड़ाव, मदार गेट, नया बाजार समेत कई जगह दुकानें मध्यप्रदेश से आने वाला तिल रविवार को 182 रुपए किलो रहा, जबकि सामान्य तिल 160 रुपए है। शहर के पड़ाव, मदार गेट, नया बाजार, वैशाली नगर, रामगंज, शास्त्री नगर सहित अन्य कई जगह तिल से बने व्यंजनों की दुकानें सज चुकी हैं। व्यंजन में 52 रु. किलो के देशी गुड़ का उपयोग ज्यादा केमिकल और बाहर से आने वाले गुड़ की बजाए अच्छी क्वालिटी के लिए देशी गुड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो 52 रुपए किलो है। सामान्य गुड़ 43 रुपए किलो तक भी मिल जाता है। इस बार लागत 10 प्रतिशत महंगी है, इसलिए दाम भी बढ़े हैं। तिल लड्डू 400 रु. किलो }ड्राइ फ्रूट्स तिल चिक्की1400 }गुड़ गजक इलायची-पिस्ता520 }गुड़ गजक पट्टी काजू-पिस्ता520 }गुड़ रेवड़ी इलाचयी400 }काजू-पिस्ता बर्फी गजक520 }सादा तिल पापड़400 }पिस्ता इलायची पापड़480 }गुड़ तिल पट्टी पिस्ता520 }गुड़ तिल लड्डू360 से 400 }शक्कर लड्डू400 }सिंधी तिल लड्डू400 }कुरकुरी गजक देशी घी480 (भाव रुपए में, प्रति किलो) मकर संक्रांति पर्व के लिए रविवार को तिल से बने व्यंजन की खरीदारी करते शहरवासी।


