दो भर्ती परीक्षाओं में हाईटेक नकल का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार:संगठित नकल गिरोह का हुआ खुलासा; ब्लूटूथ डिवाइस और स्पेन से मंगवाए स्पाई कैमरे से करवाई थी नकल

स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) राजस्थान ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल करने वाले 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी जितेन्द्र कुमार बिजारणिया को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त बीते एक वर्ष से फरार चल रहा था। एडीजी, एसओजी राजस्थान विशाल बंसल ने बताया- साल 2023 में 12 मार्च और 19 मार्च को राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की ओर से आयोजित कनिष्ठ लिपिक (ग्रेड-द्वितीय) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2022 हुई थी। जिसके बाद जांच में सामने आया कि अभियुक्त जितेन्द्र कुमार बिजारणिया (29 साल) पुत्र गोपालराम, निवासी रूखासर, तहसील रतनगढ़, जिला चूरू ने परीक्षा केंद्र पर ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल कर नकल की। परीक्षा में स्पेन से मंगवाए इनोवा केम ड्रॉप बॉक्स नामक स्पाई कैमरा यूज किए एसओजी जांच में यह भी उजागर हुआ कि संगठित नकल गिरोह का सरगना पौरव कालेर था, जिसने सालासर क्षेत्र से मोबाइल फोन के जरिए परीक्षार्थियों को उत्तर उपलब्ध कराए। नकल के लिए गिरोह ने स्पेन से लगभग 90 हजार रुपए में इनोवा केम ड्रॉप बॉक्स नामक स्पाई कैमरा मंगवाया था। परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों ने इस कैमरे से प्रश्नों के स्क्रीनशॉट लेकर बाहर बैठे गिरोह के सदस्यों को भेजे, जिन्हें अन्य सहयोगियों की ओर से हल किया जाता था। 12 मार्च 2023 को जितेन्द्र कुमार बिजारणिया और 19 मार्च 2023 को राजेश कुमार बिजारणियां ने इसी तरीके से नकल की। हल किए गए प्रश्नों के उत्तर सालासर क्षेत्र से ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से कई अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए। राज्य सरकार ने परीक्षा की थी रद्द इसके अलावा, 14 मई 2023 को आयोजित राजस्व अधिकारी ग्रेड-द्वितीय एवं अधिशाषी अधिकारी (ईओ/आरओ) भर्ती परीक्षा में भी अभियुक्त जितेन्द्र कुमार बिजारणिया द्वारा ब्लूटूथ डिवाइस से नकल किए जाने का खुलासा हुआ था। इस प्रकरण में पेपर लीक और संगठित नकल के पुख्ता सबूत सामने आने के बाद राज्य सरकार ने पूरी परीक्षा रद्द कर दी गई थी। आरोपी जितेन्द्र 3 जनवरी तक रिमांड पर इन दोनों मामलों में अभियुक्त जितेन्द्र कुमार बिजारणिया वांछित चल रहा था। लंबे समय से फरार रहने के कारण एसओजी जयपुर ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। हालांकि एसओजी ने सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट पेश में किया और 3 जनवरी तक रिमांड पर लिया है। मामले में नकल गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका, तकनीकी उपकरणों की आपूर्ति और आर्थिक लेन-देन को लेकर गहन अनुसंधान जारी है। ऐसे में एसओजी और खुलासे कर सकती है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *