भास्कर संवाददाता | चूरू डीबी अस्पताल के शिशु विभाग की टीम ने दो साल के नवजात का 10 दिन बिना ऑपरेशन के दवा से उपचार कर दिया। नवजात की पाचन क्रिया कमजोर थी तथा प्लेटलेट गिरती जा रही थी। सीकर के बलारां निवासी अभिषेक योगी ने बताया कि 27 नवंबर को उनकी पत्नी पूजा ने बेटे को जन्म दिया। कुछ दिन बाद नवजात की प्लेटलेट्स कम होने लगीं। 15 जनवरी को उसे चौमूं के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां करीब एक सप्ताह इलाज चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि नवजात की पाचन क्रिया में समस्या है और ऑपरेशन करना होगा, जिसमें 3 से 4 लाख रुपए का खर्च आएगा। इसके बाद 22 जनवरी को नवजात को जयपुर के जेके लॉन अस्पताल ले गए। वहां पर वेंटीलेटर बेड खाली नहीं मिला। योगी ने बताया कि उन्हें किसी ने सलाह दी कि डीबी अस्पताल में डॉक्टरों की अच्छी टीम है, इस पर वे बच्चे को चूरू लेकर आए। इसके बाद वेंटीलेटर एंबुलेंस के जरिये 23 जनवरी को चूरू डीबी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने दस दिन तक इलाज कर उसे पूरी तरह स्वस्थ कर दिया और 2 फरवरी को छुट्टी देकर घर भेज दिया। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एम.एम. पुकार ने बताया कि नवजात को पाचन क्रिया में कुछ समस्या थी। वह दूध नहीं पी पा रहा था और लगातार उल्टी कर रहा था। डॉ. इकराम डीबीएच के शिशु विभागाध्यक्ष डॉ. इकराम ने बताया कि दो महीने के नवजात गंभीर हालत में चूरू लाया गया। उसकी पहले जांच करवाकर समस्या जानी। इसके बाद दवा से इलाज करने की ठानी। उपचार के बाद नवजात ठीक हो गया तो उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल में नवजात का निशुल्क इलाज किया गया।


