राजनांदगांव जिले के मुढ़ीपार में नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति चिंताजनक हो गई है। दो महीने पहले बने इस पुल पर 16 अप्रैल से यातायात शुरू हुआ था। तब से लगातार मरम्मत का काम चल रहा है। 600 मीटर लंबे इस पुल में अब तक 6 जगहों पर सड़क धंस चुकी है। 18 करोड़ रुपए की लागत से बने इस पुल में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। एक स्थान पर मरम्मत होती है तो दूसरी जगह सड़क धंसने लगती है। मानसून की शुरुआत के साथ स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं निर्माण के दौरान ग्रामीणों ने गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। साइट इंचार्ज अनिल कुमार मौर्या के मुताबिक, ओवरब्रिज के कुछ हिस्सों में मिट्टी धंस रही है। फिलहाल पुल मेंटेनेंस पीरियड में है और मरम्मत का काम जारी है। डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल ने भी पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक डेढ़ महीने के अंदर ही कंक्रीट के कार्यों में दरारें दिखने लगी हैं। इस लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ सकता है। विधायक ने इस लापरवाही पर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। क्षेत्र के 50 हजार से अधिक ग्रामीणों को मिली राहत ओवर ब्रिज के रास्ते आसपास के पर्यटन प्रेमी मनगटा जाने के लिए प्रमुख मार्ग के रूप में इसका उपयोग करते हैं। आसपास के करीब 50 हजार ग्रामीणों को इससे राहत मिल रही है। 1977 के पहले इन जंगलों में कई वन्य जीव देखने को मिलते थे। आज प्रदेश में यह एक अच्छा पर्यटन केंद्र बन चुका है। हावड़ा-मुंबई रेल रूट के इस प्रमुख मार्ग में ऐसी लापरवाही किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। समय रहते गंभीरता से रेलवे प्रशासन को इधर ध्यान देना चाहिए


