राज्य सरकार द्वारा नवसृजित पंचायत समिति मनोहरपुर-खेडला के कार्यालय भवन के भूमि आवंटन की मांग को लेकर ग्रामीणों ने गुरूवार को कलेक्टर देवेन्द्र कुमार को ज्ञापन सौंपा। पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह महवा के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में बताया कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पंचायत राज संस्थाओं के परिसीमन में मनोहरपुर-खेडला के नाम से नवीन पंचायत समिति बनाई गई है। जबकि लोगों की भावना खेडला बुजुर्ग को पंचायत समिति बनाने की थी और इसे लेकर धरना प्रदर्शन करने के बावजूद जनभावनाओं की अनदेखी की गई। नवसृजित पंचायत समिति के नवीन भवन निर्माण के लिए स्थानीय विधायक द्वारा गोहंडी मीणा गांव स्थित भूमि की अनुशंषा की गई है। जबकि यह भूमि एनिकट के अंदर पानी के भराव क्षेत्र में स्थित है और आरक्षित वन क्षेत्र के तलहटी में प्रशासनिक भवन का निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से उचित और जनहित में नहीं है। ऐसे में पंचायत समिति का नाम मनोहरपुर—खेडला के नाम से है तो फिर भूमि आवंटन भी इन्हीं गांवों में होना चाहिए। जबकि मनोहरपुर गांव में तो चारागाह और सिवायचक भूमि उपलब्ध ही नहीं है। जिस नाम से पंचायत समिति, वहीं हो आवंटन इनका कहना है कि खेडला बुजुर्ग में स्टेट हाईवे-22 के पास पर्याप्त सिवायचक और चरागाह भूमि उपलब्ध है। ऐसी स्थिति में खेडला बबुजुर्ग के तन में, जो की मनोहरपुर गांव की सीमा से लगती हुई खसरा नंबर 2194/182 चारागाह भूमि रकबा 4.3200 का आवंटन पंचायत समिति के लिए करना चाहिए। यह भूमि अन्य सरकारी कार्यालयों कृषि महाविद्यालय, उप तहसील कार्यालय, कृषि उपज मंडी शहीद स्मारक तथा खेल स्टेडियम के पास और मनोहरपुर व खेडला गांव के बीच स्थित है। लोगों ने ज्ञापन के जरिए बताया कि यदि जिला कलेक्टर द्वारा राजनीतिक दबाव में जन भावनाओं के खिलाफ भूमि आवंटन किया तो एक बार फिर आम जनता को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही कानून व्यवस्था की बिगड़ने के लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस दौरान पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह, बनवारी, रूपसिंह, नंदूराम समेत कई लोग मौजूद रहे।


