खाद्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘गिव अप’ अभियान के तहत अपात्र लोग 31 अक्टूबर तक इस योजना से स्वेच्छा से नाम हटवा सकते हैं। जिला रसद अधिकारी मोहन लाल देव ने बताया कि अभियान के तहत सरकारी कार्मिक, आयकर दाता, एक लाख से अधिक वार्षिक आय, चार पहिया निजी वाहन वाले अपात्र श्रेणी के परिवारों को स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से नाम हटवाने के लिए 31 अक्टूबर तक अंतिम अवसर दिया है। आवेदन प्रस्तुत कर अपना नाम एनएफएसए योजना से हटवा सकते हैं। यदि इसके बाद भी इन अपात्रता के श्रेणी में आने वाले परिवार योजना से अपना नाम नहीं हटवाते हैं तो वसूली संबंधी कार्रवाई की जाएगी। 756 परिवारों को नोटिस उन्होंने बताया कि गिव अप अभियान के तहत स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए आवेदन प्राप्त होने पर जिले में अब तक 3 हजार 801 परिवारों के 18 हजार 609 सदस्यों का नाम योजना से हटाया गया है। साथ ही, 756 परिवारों को अपात्र होने के बावजूद नाम नहीं हटवाने पर नोटिस जारी किए गए हैं जिनसे वसूली की कार्यवाही की जाएगी। वहीं जिले में अब तक कुल 82 हजार 927 अपात्र सदस्यों के नाम हटाए गए हैं। वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी डीएसओ ने बताया कि अपात्र परिवारों की जांच कर चिह्नित करने के लिए विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। अब क्षेत्रीय प्रवर्तन अधिकारी, निरीक्षक एवं उचित मूल्य दुकानदारों से समन्वय स्थापित कर सघन जांच की जा रही है। खाद्य विभाग जल्द ही परिवहन विभाग से चार पहिया निजी वाहन मालिकों का डेटा लेकर अपात्रों को चिह्नित करेगा। इसके बाद वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी।


