धनबाद नगर निगम कार्यालय में बुधवार को बिल भुगतान को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। दो संवेदकों ने लेखा शाखा में पहुंचकर अपनी फाइलों के लंबित होने का विरोध किया। संवेदकों का आरोप है कि लेखा पदाधिकारी कुमारी शुभा जायसवाल जानबूझकर उनकी फाइलें रोक रही हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फूड इंस्पेक्टर और अन्य पदाधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। हर फाइल की तकनीकी और वित्तीय जांच आवश्यक: लेखा पदाधिकारी इधर, लेखा पदाधिकारी शुभा जायसवाल ने सभी आरोपों को नकार दिया है। उनका कहना है कि संबंधित फाइलें केवल 15 दिन पहले उनके पास आई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम की व्यवस्था के अनुसार हर फाइल की तकनीकी और वित्तीय जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उन पर भुगतान में जल्दबाजी का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। बिना उचित सत्यापन के भुगतान करना नियमों का उल्लंघन होगा। वहीं, अधिकारियों ने मामले को संभालते हुए संवेदकों को आश्वासन दिया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच पूरी होने के बाद भुगतान शीघ्र कर दिया जाएगा।


