धनबाद के झारखंड मैदान में सत्यम शिवम सुंदरम दुर्गा पूजा कमेटी ने इस वर्ष मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन यात्रा को एक अनूठा और भव्य रूप दिया। यह विसर्जन यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संस्कृति, आस्था और उत्सव का जीवंत संगम बन गई, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। शोभायात्रा का शुभारंभ 50 युवतियों की स्कूटी रैली से हुआ, जिसने पूरे माहौल में उत्साह भर दिया। युवतियां पगड़ी पहनी हुई थी। उनके पीछे पंजाबी ढोल की थाप पर कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। कृष्ण-राधा और मोर की सजीव झांकी पेश करती एक टोली ने बंगाल से आए कलाकारों के साथ नृत्य कर यात्रा को और आकर्षक बनाया। लाल पाड़ की सफेद साड़ियों में सजी 30 महिलाओं ने धुनुची नृत्य किया और शंखनाद करते हुए मां की प्रतिमा की अगुवाई की। बंगाल की ढाक पार्टी की गूंजती धुन ने वातावरण को भक्ति और उमंग से भर दिया। शोभायात्रा में युवाओं की एक बड़ी टोली श्रीराम सेना के रूप में ध्वजा और तलवार के साथ शामिल हुई, जिसने उत्सव में एक वीर रस का संचार किया। इस पूरे आयोजन ने धनबाद में दुर्गा पूजा विसर्जन की परंपरा को एक नई पहचान और ऊर्जा प्रदान की।


