धनबाद सदर अस्पताल में बाउंड्री वॉल विवाद गहराता जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पताल परिसर में मौन धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने काली पट्टी बांधकर अधिवक्ताओं के लिए सदर अस्पताल परिसर के उपयोग पर पाबंदी लगाने की मांग की। इससे पहले, अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया था, जिसे एसएसपी प्रभात कुमार के आश्वासन पर समाप्त किया गया था। एसएसपी ने अस्थायी रूप से बाउंड्री वॉल तोड़कर गेट लगाने का आश्वासन दिया था। साथ ही, अधिवक्ताओं के लिए स्थायी सड़क और पार्किंग की व्यवस्था होने पर बाउंड्री वॉल को दोबारा बंद करने की बात कही थी। स्वास्थ्यकर्मियों ने इसी निर्णय के विरोध में शनिवार को प्रदर्शन किया।
सदर अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि अधिवक्ताओं के आवागमन के लिए अस्पताल की ओर से पहले ही वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने बाउंड्री वॉल तोड़कर नया रास्ता बनाने की मांग को अनुचित बताया। डॉ. कुमार के अनुसार, इससे अस्पताल परिसर की सुरक्षा और व्यवस्था प्रभावित होगी, जिसके कारण स्वास्थ्यकर्मी विरोध कर रहे हैं और जिला प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कर रहे हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉ. एक सिंह ने कहा कि सदर अस्पताल आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज निर्माण का भी स्थल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बाउंड्री वॉल तोड़कर अधिवक्ताओं के लिए रास्ता बनाया जाता है, तो अस्पताल परिसर में जाम की समस्या उत्पन्न होगी। इससे आपातकालीन स्थितियों में मरीजों के आवागमन में गंभीर बाधाएं आ सकती हैं। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि सदर अस्पताल की जमीन पर पहले ही अतिक्रमण हो चुका है और कुछ भूमि कोर्ट परिसर को आवंटित की जा चुकी है। ऐसे में और जमीन या रास्ते की मांग करना उचित नहीं है। स्वास्थ्यकर्मियों ने जिला प्रशासन से अस्पताल की सुरक्षा और मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इस विवाद का समाधान करने की मांग की है।


