भास्कर न्यूज| टिटिलागढ़ पवित्र माघ मास में एक महीने तक चलने वाला (16 दिसंबर से 14 जनवरी तक) धनुर्मास उत्सव का नव निर्मित खेमका भवन (आसामिया भवन) के सत्संग हॉल में आयोजित किया जा रहा है। गत वर्ष से निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए नीचे के फ्लोर को सत्संग आदि के लिए बहुत ही सुंदर ढंग से बनाते हुए धनुर्मास उत्सव मनाने के लिए श्रीगणेश किया। धनुर्मास (लगभग 16 दिसंबर से 14 जनवरी) आध्यात्मिक उन्नति, भक्ति और दान-पुण्य का माह है, जिसे भगवान विष्णु और श्री कृष्ण की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इसमें विवाह जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं ताकि मन एकाग्र हो सके और ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-पाठ, दान-धर्म (तिल, गुड़, वस्त्र) करने से असीम पुण्य मिलता है। इस दौरान ”तिरुप्पावै” जैसे भक्तिगीत गाए जाते हैं और यह महीना भगवद्गीता के उपदेशों से जुड़ा है। यह महीना भक्ति और आध्यात्मिक साधना के लिए बहुत शुभ होता है, जो ईश्वर के करीब जाने का अवसर देता है। इसे भगवान विष्णु की पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है; इस महीने में एक दिन की पूजा हज़ार साल की पूजा के बराबर मानी जाती है। इसी महीने में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था, इसलिए यह ज्ञान प्राप्ति का समय भी है। प्रति दिन आए सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने भजन कीर्तन आदि कर उक्त सत्संग हॉल की मुक्त कंठो से प्रशंसा की। इस मौके पर खेमचंद (खेमा भाई), अशोक, ओमप्रकाश, सुशील, मामराज, नारायण, राधेश्याम, मनोज, खेतान, मंगतू सहित अन्य मौजूद थे।


