भास्कर न्यूज | बालोतरा ऐश्वर्य के देवता शुक्र ग्रह का राशि परिवर्तन 20 दिसंबर को होने जा रहा है। शुक्रदेव अगले शनिवार को सुबह 7:45 बजे वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। धनु बृहस्पति की राशि है। एक ओर जहां बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं, वहीं शुक्रदेव राक्षसों के गुरु माने जाते हैं। ये परस्पर एक दूसरे का आदर-सत्कार भी करते हैं, लेकिन आंतरिक रूप से शत्रु भाव रखते हैं। यही वजह है कि शुक्रदेव शीतला का प्रभाव बढ़ाएंगे…यानी अगले एक महीने तेज सर्दी रिकार्ड तोड़ेगी। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि शुक्रदेव का राशि परिवर्तन धनु में 20 दिसंबर को सुबह 7:45 बजे हो जाएगा। शुक्र देव 25 दिन तक धनु में रहेंगे, जिसके बाद मकर में प्रवेश कर जाएंगे। ऐसे में नई तकनीकी का विस्तार होगा। महिला वर्ग का वर्चस्व बढ़ेगा। मौसम में बदलाव देगा, यह शीतला का प्रतीक है इसलिए इन 25 दिनों में सर्दी का नया कीर्तिमान बन सकता है यानी अगले एक महीने में सर्दी रिकार्ड तोड़ सकती है। धनु राशि में शुक्र के साथ ही सूर्य व मंगल भी धनु राशि में है, जो कि राजनीतिक दृष्टि या नीतिगत बदलाव देगा। धनु राशि के लिए यह अच्छा रहेगा। वहीं मकर राशि वालों के खर्च बढ़ेंगे, कुंभ को दौड़ भाग करनी पड़ेगी और मीन का भाग्योदय हो सकता है। धनु राशि में शुक्र होने से धर्म, अर्थ और काम ये तीन पुरुषार्थ सफल होते हैं। शुक्र के प्रभाव से बड़े सामाजिक कार्य पूरे हो सकते हैं। धनु राशि में शुक्र के आने से प्रशासनिक और राजनीतिक मामलों में बड़े बदलाव हो सकते हैं। इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए समय अच्छा कहा जाता है। शुक्र के राशि परिवर्तन से कई लोगों की सेहत में भी उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। जॉब और बिजनेस में तरक्की के योग बनेंगे। सुख-सुविधाएं, यात्राएं और शारीरिक सुख संबंधी मामलों में महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना है। शुक्रदेव धनु राशि में 20 दिसंबर से 13 जनवरी तक रहेंगे, इसके बाद ये मकर राशि में गोचर करेंगे। शुक्रदेव चंचल है, जिसके चलते इनके प्रभाव भी वैसे ही सामने आते हैं। महिलाओं की स्थिति मजबूत होगी और देवी उपासना में बढ़ोतरी तथा फिल्मी दुनिया में कुछ बड़ा धमाका हो सकता है। शुक्र को सभी ग्रहों में सबसे चमकदार ग्रह माना जाता है। शुभ: मिथुन, कर्क और मीन, सामान्य: मेष, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु और कुंभ, अशुभ: वृष और मकर


