धमतरी के स्कूल की निरीक्षण में खुली पोल:अपर कलेक्टर पहुंचे स्कूल तो गायब मिले टीचर और स्टाफ, 13 कर्मचारियों को थमाया नोटिस

छत्तीसगढ़ के धमतरी में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। अपर कलेक्टर ने अचानक डॉ. शोभाराम देवांगन स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 13 शिक्षक और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। नदारद रहे कर्मियों में प्राचार्य, व्याख्याता, सहायक ग्रेड-2 और ग्रेड-3 के कर्मचारियों के साथ प्रधानपाठक भी शामिल हैं। इतने अधिक टीचरों की अनुपस्थिति से विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी अनुपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दरअसल​​​​, ​धमतरी कलेक्टर नम्रता गांधी ने अधिकारियों को स्कूलों के नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। अपर कलेक्टर ने किया औचर निरीक्षण सके तहत मंगलवार को अपर कलेक्टर रीता यादव ने डॉ.शोभाराम देवांगन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतरी का आकस्मिक निरीक्षण किया। सुबह 10 बजे स्कूल परिसर में पहुंची और स्कूल में कार्यरत शिक्षकों तथा उनकी उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान 13 शिक्षक-कार्यालयीन स्टाफ निर्धारित समय पर स्कूल में उपस्थित नहीं मिले। निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्राचार्य पूनम पांडेय, व्याख्याता मनोज साहू प्रदीप शर्मा, तृप्ति जाचक, कमलेश कुमार साहू, व्याख्याता एलबी रंजना साहू, भारती ठाकुर, ज्योति सोनकर, सहायक शिक्षक, खोमेश्वरी, कुमारी नेहा वर्मा, सहायक ग्रेड 02 आनंद ठाकुर, सहायक ग्रेड 03 सरोज गुरूपंचायन और प्रधानपाठक सुभद्रा कश्यप अनुपस्थित रहे। कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी बताया जा रहा है कि कलेक्टर के निर्देश पर अनुपस्थित सभी शिक्षकों और स्टॉफ कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राज्य शासन द्वारा अधिकारी-कर्मचारियों की शासकीय कार्य अवधि सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक निर्धारित की गई है। इसी तरह शिक्षकों को स्कूलों में निर्धारित पालियों अनुसार समय पर पहुंचकर विद्यार्थियों को पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ.शोभाराम देवांगन स्कूल में निर्धारित समयों पर शिक्षकों और अन्य कार्यालय स्टॉफ की अनुपस्थिति से विद्यार्थियों के पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव तो पड़ा ही। साथ ही, शिक्षा संबंधी अन्य कार्यों के संचालन में भी विलंब हुआ है। इस आधार पर अनुपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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