धमतरी जिले में डेयरी व्यवसायियों और निगम प्रशासन के बीच गोकुलनगर को लेकर विवाद जारी है। निगम प्रशासन की बैठक में डेयरी संचालकों ने सोरम और भटगांव में स्थानांतरित होने से साफ मना कर दिया है। शहर में लंबे समय से चल रहे डेयरी व्यवसाय से कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। सड़कों पर मवेशियों की आवाजाही से हादसे बढ़ रहे है। वार्डों में गोबर से नालियां जाम रहती है। निगम कर्मचारियों को सफाई में परेशानी का सामना करना पड़ता है। संचालकों की असहमति से प्रक्रिया अटकी इन समस्याओं के समाधान के लिए कई सालों से शहर के बाहर गोकुलनगर बसाने की योजना पर काम चल रहा है। निगम प्रशासन और डेयरी व्यवसायियों के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं। हाल ही में हुई बैठक में पूर्व प्रस्तावित स्थल के अलावा एक नई जगह भी दिखाई गई। कुछ व्यवसायी इस प्रस्ताव से सहमत हुए, जबकि कुछ ने पुराने स्थल को प्राथमिकता दी। नवीनतम बैठक में डेयरी संचालकों ने सोरम-भटगांव क्षेत्र में जाने से साफ मना कर दिया। निगम प्रशासन शहर के हित में डेयरियों को स्थानांतरित करना चाहता है, लेकिन संचालकों की असहमति से यह प्रक्रिया अटकी हुई है। नई जगह में पानी चारा की व्यवस्था नहीं – डेयरी यूनियन इस संबंध में डेयरी यूनियन के अध्यक्ष शंकर गौली ने कहा कि डेयरी को बाहर शिफ्ट करने के लिए गोकुलनगर स्थापित किया जाना है। जिसके लिए सोरम-भटगांव में भूमि चयन किया गया था। किन्तु यह स्थान गोकुलनगर स्थापना के लिए सही नहीं है। वहां तापमान ज्यादा रहता है। पानी, चारा पर्याप्त नहीं है। निगम प्रशासन का स्पष्ट रुख उस जगह को छोड़कर अर्जुनी, श्यामतराई, मुजगहन, सेहराडबरी में शहर के पास जहां घास जमीन उपलब्ध हो, उसे दिया जाये। व्यवसायियों ने कहा कि सोरम भटगांव में किसी भी स्थिति में नहीं जायेंगे। निगम प्रशासन ने स्पष्ट कह दिया है कि डेयरी को बाहर शिफ्ट किया जायेगा। महापौर की दो टूक इस मामले में नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सदस्य नीलेश लुनिया ने कहा कि बैठक हुई है। डेयरी व्यवसायी चिन्हांकित जगह में नहीं जाना चाहते। व्यवसायी जो सुविधा मांगेंगे निगम प्रशासन देने के लिए तैयार है। अन्य जगह संभव नहीं है। दो जगह दिखा दिया गया है। वहीं गोकुल नगर बसाया जायेगा। इस मामले में महापौर रामू रोहरा ने दो टूक कह दिया है कि शहरहित में चिन्हांकित जगह में जाना पड़ेगा।


