छत्तीसगढ़ के धमतरी में अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर की स्थापना वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शहर के मठ मंदिर के पास भक्तों ने भजन-कीर्तन का आयोजन किया और श्रद्धालुओं को महाप्रसादी वितरित की गई। भक्तों ने बताया कि तिथि के अनुसार, अयोध्या में श्री रामलला की स्थापना पौष शुक्ल द्वादशी के दिन हुई थी, जिसकी खुशी देशभर में मनाई जा रही है। धमतरी जिले में श्री रामलला की स्थापना को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया। मठ मंदिर के पास श्री राम भक्तों ने बड़े धूमधाम से भजन-कीर्तन का आयोजन किया। कार्यक्रम से पहले श्री राम-सीता की मूर्तियों की पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद भजन-कीर्तन का शुभारंभ हुआ। इस दौरान शहरवासियों और गणमान्य नागरिकों को वर्षगांठ के अवसर पर महाप्रसादी का वितरण किया गया। श्री रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने की वर्षगांठ पर राम भक्तों में उल्लास राम भक्तों ने इसे सनातनियों के लिए अत्यंत हर्ष का दिन बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्षों तक श्री रामलला अपने दिव्य मंदिर से बाहर रहे और दो वर्ष पूर्व 22 जनवरी को पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी के दिन अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए। भक्तों के अनुसार, यह क्षण गौरव और आनंद का विषय है, और आने वाली पीढ़ियों को इस परंपरा से अवगत कराने के लिए प्रतिवर्ष पौष शुक्ल द्वादशी को यह वर्षगांठ मनाई जाती है। कुछ राम भक्तों ने स्पष्ट किया कि अयोध्या में 22 जनवरी को हुई स्थापना के अनुसार, तिथि के हिसाब से 31 दिसंबर को राम मंदिर की तीसरी वर्षगांठ मनाई गई। इस उत्सव में मठ मंदिर के पास भंडारे और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। भक्तों ने कहा कि राम भगवान के 500 वर्षों बाद अपने घर लौटने का उत्साह केवल देश में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में है, और यह आनंद कभी कम नहीं हो सकता।


