धमतरी में 3 दिव्यांगों का सामूहिक विवाह:नशामुक्ति संदेश के साथ निकाली गई बारात, फाउंडेशन ने अब तक 18 जोड़ों की कराई शादी

छत्तीसगढ़ के धमतरी में तीन दिव्यांग जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ। इस आयोजन में दिव्यांग दूल्हों ने नशा मुक्ति का संदेश दिया। एसपी ने बारातियों और दूल्हों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। समाजसेवियों ने इस सामूहिक विवाह में कन्यादान किया। एक्ज़ैक्ट फाउंडेशन 4 साल में अब तक 18 दिव्यांग जोड़ों का विवाह करवा चुका है। दूल्हा-दुल्हन ने सात वचनों के साथ नशा मुक्ति को आठवें वचन के रूप में मानने की बात कही। धमतरी जिले के एक्ज़ैक्ट फाउंडेशन रूद्री धमतरी ने पुलिस-प्रशासन के तत्वावधान में यह सामूहिक विवाह सम्मेलन आमा तालाब रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में आयोजित किया था। ‘नशामुक्त समाज, नशामुक्त धमतरी’ थीम इस साल आयोजन की थीम ‘नशामुक्त समाज, नशामुक्त धमतरी’ रखी गई थी। इसी थीम के तहत घड़ी चौक से नशामुक्ति रैली निकाली गई, जिसे एसपी सूरज सिंह परिहार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने तीनों दूल्हों को हेलमेट भी भेंट किए। इस विशेष विवाह आयोजन में जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी भी शामिल हुए। नशामुक्ति रैली रत्नाबांधा चौक और अंबेडकर चौक होते हुए सरस्वती शिशु मंदिर पहुंची। यहां बारात के स्वागत के बाद किशन यादव का ललिता यादव से, पूरनदास साहू का चंद्रमुखी साहू से और धीरेंद्र कुमार गजेंद्र का द्रोपती निषाद से विवाह संपन्न हुआ। समाजसेवी रितुराज पवार ने एक जोड़े का, नरेंद्र साहू ने एक जोड़े का और नीलेश सालुंके ने एक जोड़े का कन्यादान किया। हर साल करा रहे दिव्यांगों की शादी कन्यादान करने वाले समाजसेवी रितुराज पवार ने बताया कि, एक्ज़ैक्ट फाउंडेशन कई वर्षों से दिव्यांगों के लिए काम कर रहा है। उन्हें तीन दिव्यांगों के सामूहिक विवाह में एक कन्या का कन्यादान करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने एक्ज़ैक्ट फाउंडेशन को धन्यवाद देते हुए ऐसे कार्यों में सभी संस्थाओं को बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया। नरेंद्र साहू ने कहा कि हमारे शास्त्रों और सनातन परंपरा में कन्यादान को सभी दानों में सबसे बड़ा माना गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें जीवन में पहली बार कन्यादान करने का अवसर मिला, जिससे वे बहुत प्रसन्न हैं। उन्होंने एक्ज़ैक्ट फाउंडेशन के इस कार्यक्रम को पुण्य कमाने का एक बड़ा अवसर बताया। संस्था पिछले 4 साल से कर रही काम एक्जेक्ट फाउंडेशन की अध्यक्ष लक्ष्मी सोनी, उपाध्यक्ष देवश्री जोशी, सहसचिव रूबी कुर्रे, सचिव शशि त्यागी ने कहा कि अक्सर दिव्यांगों की शादी को लेकर कई तरह की सामाजिक, आर्थिक बाधाएं आती हैं। भेदभाव, असमानता जैसी दिक्कतें भी आती है। दिव्यांग भी समाज के ही अंग हैं। दिव्यांगों को समान अवसर और समर्थन देने के उद्देश्य से ही यह आयोजन संस्था पिछले 4 वर्षों से कर रही है। अबतक 18 जोड़ों का विवाह करा चुके हैं। इस साल नशामुक्ति थीम पर सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया है। 27 दिसंबर को हल्दी, मेहंदी, संगीत का कार्यक्रम हुआ। 28 दिसंबर को हिन्दू रिवाज के साथ विवाह संपन्न हुआ। नशा करने से परिवार टूट जाता है दूल्हा दुल्हन ने कहा कि, उनके विवाह में खुशी का माहौल है। विवाह करने वाले संस्था को बहुत-बहुत धन्यवाद है। नशा मुक्ति को लेकर आयोजन किया गया नशा मुक्ति जीवन के लिए बहुत ही जरूरी अंग है। नशा करके व्यक्ति अपने जान को खो बैठते हैं बड़े-बड़े कैंसर का रूप ले लेते हैं। नशा मुक्ति करना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि, शादी के सातवें वचन के बाद नशा मुक्ति को आठवें वचन के रूप में निभाएंगे। उन्होंने ने यह भी कहा नशा करने से परिवार टूट जाता है।

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