धरना-प्रदर्शन:किसानों का ट्रैक्टर मार्च 10 घंटे में 40 किलोमीटर चला, दो बार रुकवाया, 4 घंटे वार्ता के बाद रात 11 बजे स्थगित

पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों को सोमवार को सब्र टूट गया और ट्रैक्टर मार्च के साथ सैकड़ों की संख्या में किसानों ने बाड़मेर कलेक्ट्रेट कूच कर दिया। फसल बीमा क्लेम, आदान-अनुदान, बिजली, सूअरों से समाधान, मंडी में अनियमितताएं, अ​तिक्रमण समेत 14 सूत्री मांगों को लेकर 5 दिसंबर को एसडीएम को ज्ञापन देकर 9 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया था। कार्रवाई नहीं होने पर बाड़मेर कूच की चेतावनी दी थी। आरएलपी नेता थानसिंह डोली ​सहित किसान नेताओं के नेतृत्व में ट्रैक्टरों के काफिले के रूप में किसान गुड़ामालानी से बाड़मेर के लिए रवाना हुए। बड़ी संख्या में किसानों और ट्रैक्टरों को रोकने और उनसे वार्ता के लिए एडीएम राजेंद्रसिंह चांदावत, एसडीएम केशव मीणा, एएसपी नितेश आर्य सहित अधिकारी पहुंचे। करीब 30 किमी. ट्रैक्टर मार्च को लोहारवा में रोक दिया। करीब एक घंटे तक समझाइश का दौर चला। इसके बावजूद भी किसान नहीं माने और ट्रैक्टरों का काफिला आगे बढ़ा। इसके बाद प्रशासन ने धोरीमन्ना में बेरिकेडिंग कर ट्रैक्टरों को रोका और दूसरे दौर की वार्ता के लिए बुलाया। इस दौरान धोरीमन्ना में प्रशासन और किसान प्रतिनिधि मंडल के बीच करीब 4 घंटे तक वार्ता चली। रात 11 बजे किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन के साथ सकारात्मक वार्ता हुई, जिसमें सभी मांगों पर सहमति बनने के बाद ट्रैक्टर मार्च को स्थगित कर दिया है। किसानों की ये बड़ी 12 मांगें, जिस पर रात 11 बजे धो​रीमन्ना में आश्वासन > खरीफ 2022 का आदान-अनुदान 3 साल से अटका, तत्काल भुगतान किया जाए।
> 2018-25 तक सभी फसल बीमा क्लेम पंचायत वार सार्वजनिक कर क्लेम जारी करें।
> कृषि बिजली 7 घंटे निर्बाध सप्लाई और फसल अनुसार रोस्टर लागू किया जाए।
> 605 किसानों की 2017 से जमा डिमांड राशि पर तुरंत कृषि कनेक्शन जारी किए जाए।
> जले ट्रांसफॉर्मर 48 घंटे में बदलें,जर्जर पोल-लाइन व बबूल की झाड़ियों को साफ करें।
> नर्मदा नहर की सभी डिग्गियों में टेल तक नियमित पानी की सप्लाई की जाए।
> नहर वितरिकाओं की ठेकेदार से नियमित सफाई करवाई जाए।
> सूअरों से फसल बर्बादी को रोकने के लिए प्रभा​वी कदम उठाया जाए।
> गुड़ामालानी-धोरीमन्न के किसानों का राजफेड पंजीकरण कर तुलाई शुरू करें।
> गुड़ामालानी मंडी में पारदर्शी नीलामी, सही तोल-ग्रेडिंग हो और लूट बंद करें।
> सहकारी बैंक साख सीमा बढ़ाएं, गोपालन योजना में दलाली हटाएं।
> केवीके की जमीन से अतिक्रमण तुरंत हटाने और ACB से जांच करवाई जाए।
> गौशालाओं को समय पर पूरा अनुदान मिले, CSR फंड से गोबर गैस-कैटल शेड बनाएं। कसम खाता हूं, बिकेंगे नहीं, किसानों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे : प्रधान गत दिनों गुड़ामालानी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान गुड़ामालानी प्रधान बिजलाराम और एसडीएम के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। इस दौरान प्रधान ने किसानों की सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया था, वहीं एसडीएम ने भी ​कहा था कि आपकी नहीं चलती है तो इस्तीफा देना चाहिए। इसके बाद अब ट्रैक्टर मार्च के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए प्रधान बिजलाराम ने कहा कि कसम खा कर कहता हूं, बिकेंगे नहीं, परेशान हुए हैं, कोई बात नहीं। जो हक में होगा वहीं फैसला लेकर आएंगे। इस दौरान आरएलपी नेता थानसिंह डोली ने कहा कि किसानों ने हमेशा संघर्ष किया है और अन्याय के खिलाफ लड़ते रहे। अब प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कोई वार्ता नहीं की गई। किसानों का कोई मकसद नहीं था कि वो बाड़मेर कूच करें, लेकिन उनके साथ मजाक किया गया, सुनवाई नहीं की। इससे किसान आक्रोशित हुए है। किसान 14 मांगों को लेकर धरने पर है। आगे बढ़े तो ट्रैक्टरों का काफिला जुड़ता गया दोपहर 12 बजे: गुड़ामालानी से ट्रैक्टरों के काफिले के साथ बड़ी संख्या में किसान बाड़मेर के लिए रवाना हुए। इस दौरान आरएलपी नेता थानसिंह डोली, किसान नेता हरिराम, प्रहलादराम सियोल, पूर्व प्रधान ताजाराम, ताजाराम सियाग, देवाराम, बिजलाराम सहित सैकड़ों की संख्या में किसान थे। शाम 4 बजे: लोहारवा में किसानों को प्रशासन ने रुकवाया। इस दौरान एडीएम, एसडीएम, एएसपी सहित प्रशासन ने वार्ता की, लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने कहा कि कलेक्टर या एसपी आकर उन्हें आश्वासन दें।
रात 7 बजे: लोहारवा के बाद ट्रैक्टर मार्च शाम 7 बजे धोरीमन्ना पहुंचा। इस दौरान पुलिस ने बेरिकेडिंग कर रुकवा दिया। इस दौरान 8-10 किसानों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। रात 11 बजे : किसान प्रतिनिधि मंडल के साथ शाम 7 बजे वार्ता शुरू हुई। करीब 4 घंटे तक चली वार्ता के बाद रात 11 बजे किसानों और प्रशासन के बीच सहमति बनी। इस पर किसानों की फसल बीमा क्लेम, आदान-अनुदान राशि, नहरी पानी, बिजली सहित कई मांगों पर प्रशासन के साथ सहमति बनी। इसके बाद ट्रैक्टर मार्च को स्थगित कर दिया गया। आरएलपी नेता थानसिंह डोली ने बताया कि प्रशासन के साथ सकारात्मक वार्ता हुई और सभी मांगे मान ली गई है।

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