192 साल पुराने ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में विवाह समारोह और भोज देने का शहर में व्यापक विरोध हो रहा है। श्रद्धालुओं के बाद अब विभिन्न समाज के लोगों ने भी इस पर आपत्ति जताई है। यादव समाज ने तो घोषणा की है कि मकर संक्रांति पर सुबह 11.30 बजे गंगाजल से मंदिर प्रांगण का शुद्धिकरण किया जाएगा। हंगामे और विवाद के बीच संभागायुक्त दीपक सिंह ने माफी ऑफिसर व राऊ एसडीएम विनोद राठौर को हटाकर एसडीएम कल्याणी पांडे को माफी अधिकारी का जिम्मा सौंपा है। वहीं मंदिर के मैनेजर के.एल. कौशल की सेवा भी समाप्त कर दी है। इतना ही नहीं कलेक्टर आशीष सिंह ने राठौड़ को राऊ एसडीएम के पद से भी हटा दिया है। इन शर्तों पर दी जाती है अनुमति जांच में गलती सामने आई: एडीएम ज्योति शर्मा के अवकाश पर होने के कारण जांच अपर कलेक्टर गौरव बैनल को सौंपी गई। सूत्रों का कहना है कि बैनल ने रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। इसके मुताबिक अधिकारियों के संज्ञान में था कि यहां भव्य शादी होना है। मंदिर में आठ से 10 लोगों की मौजूदगी में फेरे और वरमाला के कार्यक्रम होते रहे हैं। बड़े आयोजन पर आनन-फानन में 75 हजार रुपए और लिए गए। इससे सिद्ध होता है कि अधिकारियों को जानकारी थी। पूरे परिसर में फैली थी गंदगी: आयोजक शादी के बाद पूरे परिसर में गंदगी छोड़ गए। सुबह तक कचरा नहीं उठा था। कांग्रेस ने इसका वीडियो वायरल कर दिया। कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल ने कहा कि ऐतिहासिक गोपाल मंदिर को मैरिज गार्डन बना दिया।


