धर्मशाला छात्रा मौत मामला, जांच का दायरा बढ़ा:सरकार की SIT और UGC की टीमें कॉलेज पहुंची, पुलिस अलग से जांच कर रही

धर्मशाला कॉलेज की छात्रा मौत मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस अपने स्तर पर जांच में कर रही है। वहीं अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के निर्देशों पर गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी और राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष कमेटी (SIT) भी आज जांच को धर्मशाला कॉलेज पहुंच गई है। राज्य सरकार ने हॉयर एजुकेशन डायरेक्टोरेट में एडिश्नल डायरेक्टर (कॉलेज) डॉ. हरीश कुमार के नेतृत्व में चार सदस्यीय SIT गठित की है। SIT धर्मशाला कॉलेज में रैगिंग और यौन उत्पीड़न मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है। दरअसल, पल्लवी ने अपने अंतिम सांस लेने से पहले अस्पताल में दो वीडियो बनाए। इनमें डाइंग डिक्लेरेशन में पल्लवी कहती है कि तीन छात्राओं ने उसके साथ मारपीट की। पल्लवी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक कुमार पर भी बेड टच के आरोप लगाती है। 3 छात्राओं समेत 4 पर FIR पल्लवी की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में चार छात्राओं समेत असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक कुमार पर FIR दर्ज कराई। हालांकि अशोक कुमार को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है और जांच पूरी होने तक शिक्षा निदेशालय शिमला में हेडक्वार्टर फिक्स किया गया है। इस मामले में परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच में जुट गई है। इस बीच UGC ने भी घटना पर संज्ञान लिया और यूजीसी की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी इस मामले में जांच कर रही है। यह कमेटी भी आज कॉलेज पहुंच कर साक्ष्य जुटा रही है। छात्रों-टीचर के बयान महत्वपूर्ण होंगे राज्य सरकार द्वारा गठित SIT भी अपने स्तर पर जांच में जुट गई है। इस मामले में छात्रा का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। अब उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। ऐसे में छात्रों के साथ साथ टीचरों की स्टेटमेंट महत्वपूर्ण रहने वाली है। कॉलेज प्रशासन से रिकॉर्ड तलब किया डॉ. हरीश कुमार की अगुवाई में धर्मशाला कॉलेज पहुंची SIT ने प्रशासन से संबंधित सभी रिकॉर्ड तलब किए। टीम ने मृतक छात्रा के सहपाठियों से उसके व्यवहार के संबंध में पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। सहपाठियों ने बताया कि छात्रा का व्यवहार सामान्य था और वह अधिकतर अकेली रहती थी। जांच के दौरान रैगिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। कॉलेज के दो छात्रों ने समिति के समक्ष उपस्थित होकर रैगिंग से संबंधित अपना पक्ष रखा। समिति ने इन बयानों को दर्ज कर लिया है, जो जांच रिपोर्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे। पुलिस ने 5 अस्पतालों से रिकॉर्ड कब्जे में लिया वहीं इस मामले में पुलिस ने पांच अस्पतालों से रिकॉर्ड कब्जे में ले चुकी है, जबकि डीएमसी लुधियाना से रिकॉर्ड लेना बाकी है। दरअसल, पल्लवी का इलाज जोनल अस्पताल धर्मशाला, टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा, फोर्टिस कांगड़ा, सिटी अस्पताल कांगड़ा, महाजन मेडिसिन अस्पताल पठानकोट और डीएमसी लुधियाना से कराया गया। ऐसे में इन अस्पतालों का रिकॉर्ड पल्लवी की मौत मामले में अहम साबित होगा।

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