धर्मशाला में आज से राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन:8 राज्यों के स्पीकर समेत 178 प्रतिनिधि पहुंचे, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे उद्घाटन

हिमाचल के धर्मशाला पहली बार राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र-॥ के वार्षिक सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। 30 जून और 1 जुलाई को होने वाले इस ऐतिहासिक सम्मेलन के लिए तपोवन परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। शुक्रवार को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष हवाई मार्ग से धर्मशाला पहुंच गए। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी धर्मशाला पहुंच चुके हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे उद्घाटन
सम्मेलन का शुभारंभ सोमवार सुबह 11 बजे शुरू होगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया पहुंच चुके हैं। उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष व सीपीए भारत क्षेत्र के चेयरमैन ओम बिरला विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। वे सुबह 8 बजे गगल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी इस अवसर पर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया इस सम्मेलन के संयोजक हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सम्मेलन में कुल 178 प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिनमें लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा उपसभापति, विभिन्न राज्यों के स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, नेता प्रतिपक्ष, मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक व अन्य माननीय सदस्य शामिल हैं। डिजिटल युग में सुशासन पर मंथन
इस बार सम्मेलन की थीम “डिजिटल युग में सुशासन: संसाधनों का प्रबंधन, लोकतंत्र की रक्षा और नवाचार को अपनाना” रखी गई है। कार्यक्रम में तीन सत्र होंगे। पहले दिन उद्घाटन के बाद पहला सत्र “राज्य के विकास की तुलना में राज्य के संसाधनों के प्रबंधन में विधायिका की भूमिका” विषय पर केंद्रित रहेगा। 1 जुलाई को दो सत्र होंगे, जिनमें “अनुच्छेद 102(2) और 191(2) की 10वीं अनुसूची के तहत दलबदल पर अयोग्यता” और “विधानसभाओं में एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का उपयोग” जैसे ज्वलंत विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन का समापन 1 जुलाई को होगा, जिसकी अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया, उपसभापति हरिवंश सहित कई गणमान्य नेता संबोधन देंगे। उपाध्यक्ष विनय कुमार धन्यवाद ज्ञापन देंगे। सभी व्यवस्थाएं पूरी, सचिव भी लेंगे भाग
सम्मेलन में लोकसभा और राज्यसभा के महासचिवों सहित सभी राज्य विधानसभाओं के सचिव भी शामिल होंगे। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।

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