धर्मशाला में कांग्रेस का केंद्र पर हमला:मनरेगा खत्म करने की साजिश, बजट कटौती और डिजिटल हाजिरी से मजदूर परेशान

हिमाचल प्रदेश में मनरेगा (MGNREGA) योजना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। शनिवार को धर्मशाला में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधानसभा के उपमुख्य सचेतक एवं शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया और कांगड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गरीबों की जीवनरेखा मानी जाने वाली मनरेगा योजना को खत्म करने की साजिश रच रही है। डिजिटल हाजिरी और बजट कटौती पर घेरा: केवल सिंह पठानिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने न केवल मनरेगा के बजट में कटौती की है, बल्कि डिजिटल हाजिरी (NMMS ऐप) जैसे नियम थोपकर मजदूरों को दिहाड़ी से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में जहां मोबाइल नेटवर्क की भारी समस्या है, वहां ऐप के जरिए दिन में दो बार हाजिरी अनिवार्य करना मजदूरों के साथ अन्याय है। काम करने के बावजूद नेटवर्क न होने से हाजिरी अपलोड नहीं होती और मजदूरों की मेहनत की कमाई अटक जाती है।” विवाद के मुख्य बिंदु: भाजपा सांसदों की चुप्पी पर सवाल कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश के भाजपा सांसदों पर हमला बोलते हुए कहा कि वे दिल्ली में हिमाचल के मजदूरों की आवाज उठाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। अनुराग शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा सरकार गरीब विरोधी है और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में लगातार देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि ये मजदूर विरोधी नीतियां वापस नहीं ली गईं, तो कांग्रेस ब्लॉक और जिला स्तर पर उग्र आंदोलन करेगी।

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