धर्मशाला में पेंशनर्स-पैरा व मल्टी टास्क वर्करों का प्रदर्शन:पूर्व कर्मी बोले- नो पेंशन, सिर्फ टेंशन, सरकार ने वादाखिलाफी की, 2022 से मेडिकल बिल पेंडिंग

हिमाचल प्रदेश के तपोवन धर्मशाला पुलिस ग्राउंड में आज सैकड़ों पूर्व कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वादों से मुकरने, उनके वित्तीय लाभ रोकने और कर्मचारी-विरोधी फैसले लेने के गंभीर आरोप लगाए। वहीं जोरावर स्टेडियम में पैरा और मल्टी टॉस्क वर्करों ने भी प्रदर्शन किया। पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने कहा- सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (OPS), समय पर वेतन-पेंशन, महंगाई भत्ता (DA) और मेडिकल बिलों के भुगतान के वादों पर कर्मचारियों का भरोसा जीता था, लेकिन तीन साल बाद भी अधिकांश वादे अधूरे हैं और स्थिति बदतर होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य पर बढ़ते कर्ज के बावजूद कर्मचारियों के भत्ते, डीए, एरियर और हिमकेयर जैसी स्वास्थ्य योजनाओं में लगातार कटौती और देरी हो रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि मेडिकल बिलों के भुगतान में देरी से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के इलाज पर संकट खड़ा हो गया है। सरकार ने घबराहट में बदला रैली स्थल घनश्याम ने विधानसभा के विंटर सेशन में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी पर भी रोष जताया। उन्होंने कहा- रैली स्थल को ज़ोरावर स्टेडियम से पुलिस ग्राउंड में स्थानांतरित करना सरकार की ‘घबराहट’ और कर्मचारी-विरोधी मानसिकता का संकेत है। वित्तीय लाभ जारी नहीं किए तो उग्र आंदोलन होगा पेंशनर्स नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने लंबित डीए, वेतन-पेंशन, मेडिकल बिलों के भुगतान, हिम-केयर की बहाली और ओपीएस पर तत्काल कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई: घनश्याम घनश्याम शर्मा ने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों को उनके हक नहीं मिलते, यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सभी कर्मचारी संगठनों से अनुशासित, शांतिपूर्ण और एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने की अपील की। पैरा और मल्टी टास्क वर्करों ने भी प्रदर्शन किया वहीं जल शक्ति विभाग में कार्यरत पैरा और मल्टी टास्क वर्करों ने भी जोरावर स्टेडियम में पॉलिसी बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इनका कहना है कि महंगाई के दौर में 5 से 6 हजार में गुजारा करना मुश्किल हो गया है। सरकार को 68 बार मांग पत्र सौंपने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया। सुरेश चौहान कहा आज उन्हें मात्र 150 रुपए दिहाड़ी मिल रही है, जिससे न तो अपना खर्चा निकल पा रहे है और न ही परिवार व बच्चों की सही से परवरिश कर पा रहे हैं। ईशान भारद्वाज ने कहा- यदि प्रदेश की सुक्खू सरकार उनके लिए कोई नीति नहीं बना सकती है तो सरकार लिखकर दे, ताकि वे कहीं और नौकरी की तलाश कर सकें। HRTC पेंशनर को पेंशन नहीं मिल रही HRTC के पेंशनरों ने कहा कि कई कई महीने बाद भी उन्हें पेंशन नहीं मिल रही। यह सरकार कोर्ट के आदेश भी नहीं मान रही। इसलिए मजबूरी में सड़कों पर उतरना पड़ा है। पूर्व कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई कई महीनों से उनके मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं हो रहा। पूर्व कर्मचारियों के प्रदर्शन के PHOTOS…

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