धर्मशाला में बनेगी 350 गाड़ियों की पार्किंग:स्टेडियम के लिए दो बाइपास सड़कों का होगा निर्माण, PWD ने तैयार की परियोजना

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला शहर को लंबे ट्रैफिक जाम से जल्द राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल पर शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की गई है। इसके तहत कोतवाली बाजार स्थित ऐतिहासिक राजा रघुबीर सिंह क्लब की जगह 350 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए 5.50 करोड़ रुपए की लागत से दो नई बाइपास सड़कों का निर्माण भी प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इन दोनों परियोजनाओं का मसौदा तैयार कर उच्चाधिकारियों को मंजूरी के लिए भेज दिया है। बनाई जाएगी मल्टीलेवल पार्किंग कोतवाली बाजार शहर का सबसे व्यस्त और पुराना व्यापारिक क्षेत्र है, जहां पार्किंग की भारी कमी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने राजा रघुबीर सिंह क्लब परिसर को चुना है। यह लगभग 6.5 कनाल सरकारी भूमि पर स्थित है और शहर के ठीक बीच में तथा ऊंचाई पर है। योजना के अनुसार, क्लब के जर्जर भवन को हटाकर मल्टीलेवल या बड़ी सरफेस पार्किंग बनाई जाएगी। इससे मैकलोडगंज जाने वाले पर्यटक भी अपने वाहन यहीं खड़े कर सकेंगे, जिससे बाजार में जाम की समस्या कम होगी। शहर को बाइपास कर सीधे स्टेडियम तक पहुंचा जा सकेगा क्रिकेट मैचों के दौरान धर्मशाला का यातायात अक्सर बाधित हो जाता है। इसे देखते हुए 5.50 करोड़ रुपए की लागत से दो वैकल्पिक मार्ग बनाए जाएंगे। इनमें एक मार्ग स्टेडियम से पासू शीला तक होगा, जो ग्रामीण इलाकों को सीधा जोड़ेगा। दूसरा मार्ग चरान खड्ड से स्टेडियम तक बनेगा, जिससे मुख्य शहर को बाइपास कर सीधे स्टेडियम तक पहुंचा जा सकेगा। राजा रघुबीर सिंह क्लब की यह जगह अपनी केंद्रीय स्थिति और खुले स्थान के कारण पार्किंग के लिए सबसे उपयुक्त मानी गई है। यहां से धौलाधार की बर्फीली चोटियों, मैकलोडगंज, नड्डी, त्रियूंड से लेकर कांगड़ा घाटी और पौंग बांध तक का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। यह स्थान शहर की सुंदरता बनाए रखने के साथ-साथ जाम को कम करने में भी सहायक होगा। क्या कहते हैं जिम्मेदार पूर्व मेयर व प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य देवेंद्र जग्गी का इस बाबत कहना है कि, “धर्मशाला में बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए यह योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने बजट का प्रावधान कर दिया है। नई सड़कों से शहर को जाम से राहत मिलेगी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का भी विकास होगा।” क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट टूरिज्म को बूस्ट: वीकेंड व सीजन में 5,000 से ज्यादा गाड़ियां प्रतिदिन; पार्किंग न होने से घंटों जाम।
स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर: सौंदर्यीकरण से आगे बढ़कर ठोस सुविधाओं पर फोकस।
एस्केप रूट: आईपीएल/अंतरराष्ट्रीय मैचों में वीआईपी मूवमेंट और दर्शकों की भीड़ के लिए वैकल्पिक मार्ग।

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