धर्म सम्मेलन में गुरु महाराज की शिक्षाएं याद कीं

भास्कर न्यूज | जालंधर धर्म सम्मेलन आयोजन समिति की ओर से गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू में विशाल धर्म सम्मेलन का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर उनकी शिक्षाओं को स्मरण करते हुए की गई। गुरु तेग बहादर जी के 350वें बलिदान दिवस को समर्पित इस आयोजन में मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. हरमोहिंदर सिंह बेदी ने संबोधित किया। उन्होंने गुरु तेग बहादर जी के जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार गुरु जी ने अपने 22 हुक्मनामों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की भावना को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि गुरु जी का बलिदान भारत की सभ्यता और संस्कृति की रक्षा के लिए था। अन्याय के विरुद्ध अहिंसक रहते हुए भी धर्म पर अडिग रहना गुरु जी की महान शिक्षाओं में से एक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बंसी दास महाराज ने कहा कि सशक्त और समर्थ समाज के निर्माण के लिए ऐसे धर्म सम्मेलनों का आयोजन आवश्यक है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता पर बल देते हुए कहा कि जातिगत विभाजन के कारण ही देश को विभाजन का दर्द सहना पड़ा। अक्षरधाम मंदिर युवा मंडल की ओर से प्रस्तुत लघु नाटिका ‘फ्रीडम का मोह’ में दो पीढ़ियों के बीच सोच के अंतर को दर्शाते हुए संयुक्त परिवार की स्वीकार्यता और आवश्यकता पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि स्वामी जय तीर्थ ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि परिवार के सभी सदस्यों का एक साथ रहना परिवार को सुखी और समृद्ध बनाता है। संघ की 100 वर्ष की यात्रा का संक्षिप्त वर्णन करते हुए प्रचारक चंद्रकांत ने कहा कि अनेक कठिनाइयों के बावजूद संघ के स्वयंसेवक समाज के हर क्षेत्र में कार्य करने के लिए सदैव तत्पर रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि समाज और भारत माता के प्रति समर्पित होकर देश को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। विभाग प्रचारक नवदीप ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में पंच परिवर्तन- ‘परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य’ विषयों को जनमानस के समक्ष रखा गया। प्रसिद्ध भजन गायक केवल खन्ना ने संकीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया तथा गुरु तेग बहादर जी को समर्पित शबद गायन किया। इस अवसर पर श्रीराम मंदिर प्रबंधक कमेटी, श्री अयप्पा मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, दुर्गा मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक संस्थाओं और क्षेत्र की सोसाइटियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन समिति की ओर से सभी प्रबंधक कमेटियों को सम्मानित किया गया।

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