भास्कर न्यूज|गुमला झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के पत्रांक 2413, 2 सितंबर 2025 के अनुसार खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति के लिए लैम्पस से बैंक गारंटी प्रस्तुत करने को कहा गया है। इस निमित नगर भवन में जिले के लैम्पस समित के लोगों की बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत डीसी को मांग पत्र सौंपा गया। जिसमें कहा गया कि हमारी लैम्पस किसानों से सीधे धान खरीदकर सरकार की योजना में सहयोग करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम जानते हैं कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाना है। हालांकि हमारी वर्तमान वित्तीय स्थिति और सीमित संसाधनों के कारण, हमारे लिए बैंक गारंटी की व्यवस्था करना व्यावहारिक रूप से असंभव है। बैंक गारंटी की शर्त हम जैसे छोटे और सीमित संसाधनों वाले सहकारी समितियों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिससे धान खरीद की पूरी प्रक्रिया बाधित हो सकती है। यदि बैंक गारंटी की शर्त बनी रहती है, तो हमें मजबूरीवश धान अधिप्राप्ति का कार्य बंद करना पड़ सकता है। इससे न सिर्फ सरकार की योजना पर असर पड़ेगा, बल्कि हमारे क्षेत्र के गरीब और छोटे किसान भी सीधे प्रभावित होंगे। जिन्हें अपनी फसल बेचने में कठिनाई होगी। संघ के लोगों ने कहा है कि इस गंभीर विषय पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाय और हमें बैंक गारंटी की शर्त से मुक्त करें। इससे हम किसानों से सुचारू रूप से धान की खरीद कर पाएंगे और यह सुनिश्चित होगा कि सरकार की महत्वपूर्ण योजना बिना किसी रुकावट के जारी रहे। इस मौके पर अशोक कुमार साहु,हेमंत कुमार,अंजू लकड़ा, देवराज कुमार, सुरेंद्र यादव,मनोज उरांव, गंदिरा उरांव सहित लगभग 50 लैम्पस समिति के लोगों के हस्ताक्षर है।


