मुरैना कृषि उपज मंडी में बुधवार को किसानों ने धान की खरीद बोली पर रोक लगा दी और जमकर हंगामा किया। किसानों ने मंडी प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। विवाद धान के दामों में एक ही रात में भारी गिरावट को लेकर हुआ। हालात बिगड़ते देख मंडी प्रशासन ने एसडीएम को सूचना देकर पुलिस सुरक्षा बुलवाई। किसानों ने प्रशासन और व्यापारियों पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। किसानों का आरोप है कि कल जिस रेट (3100 रुपए से अधिक) में फसल बेची गई थी, उसी क्वालिटी की धान का दाम आज 2200 से 2600 रुपए लगाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि 100-200 रुपए का अंतर समझ आता है, लेकिन एक रात में 800 से 1000 रुपए तक कम दाम लगाना अन्याय है। विरोध किया तो बढ़ा दिए दाम, भ्रष्टाचार का आरोप
किसानों ने जब कम दाम का विरोध किया और बोली रुकवाई, तो व्यापारी और मंडी प्रशासन ने उसी फसल के दाम बढ़ाकर वापस 3100 रुपए कर दिए। किसानों का आरोप है कि पहले कम दाम और फिर विरोध के बाद दाम बढ़ाना साफ तौर पर भ्रष्टाचार और व्यापारियों के साथ सांठगांठ की ओर इशारा करता है। किसान बोले- हमें ठगा जा रहा है
संदीप गुर्जर (जनकपुर): “कल मैंने अपनी फसल 3150 रुपए में बेची थी। आज उसी खेत की 11/21 धान लेकर आया तो दाम 2400-2500 रुपए बताए गए। विरोध किया तो 3100 रुपए में खरीदने लगे। इससे साफ है कि किसानों को ठगा जा रहा है।” सचिव बोले- किसानों को गलतफहमी हुई
मंडी सचिव पंजाब सिंह ने कहा कि किसानों को गलतफहमी हुई है। धान की अलग-अलग किस्म के अलग-अलग रेट हैं। किसानों के विरोध के चलते पुलिस सुरक्षा बुलवाई गई है और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।


