धान खरीदी की तारीख बढ़ाने को लेकर प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगी आम आदमी पार्टी,आप ने धान खरीदी की तारीख 28 फरवरी तक बढ़ाने की मांग की है,पार्टी का कहना है कि सरकार की नीतियों और व्यवस्थागत खामियों की वजह से अब तक करीब 20 प्रतिशत किसान अपनी धान फसल बेचने से वंचित रह गए हैं। आप ने कहा कि सरकार ने 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन हकीकत में कई जगह 17, 18 और कुछ केंद्रों पर तो 25 नवंबर से खरीदी शुरू हुई। अब सरकार 29 जनवरी को खरीदी बंद कर रही है, जबकि पहले 31 जनवरी तक का भरोसा दिया गया था। यह सरकार का अपने ही वादे से मुकरना है। आप ने आरोप लगाया कि साजिश के तहत लाखों छोटे किसानों से जबरन रकबा सत्यापन कराया गया। कई किसानों को आज तक न ऑनलाइन और न ऑफलाइन टोकन मिला। टोकन मिलने के बावजूद भी दैनिक खरीदी लिमिट कम होने से किसान घंटों लाइन में लगकर परेशान हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि टोकन से पहले पटवारी, आरआई और तहसीलदारों द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराना क्या किसानों को चोर समझने जैसा नहीं है? प्रदेश संगठन मंत्री तेजेंद्र तोड़ेकर ने कहा कि जिन किसानों ने कर्ज लेकर खेती की है, वे धान न बिकने पर कर्ज कैसे चुकाएंगे? अगर किसान आत्महत्या करता है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? उन्होंने सहकारी समितियों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों क्विंटल धान चूहों द्वारा खा लिए जाने की बात कहकर जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है, लेकिन अब तक किसी अधिकारी पर एफआईआर नहीं हुई। प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग) विजय कुमार झा ने धमतरी और महासमुंद जिलों के मामलों का जिक्र करते हुए बताया कि सत्यापन और जब्ती की कार्रवाई से किसानों को पूरी तरह बर्बाद किया जा रहा है। एक किसान का रकबा शून्य कर दिया गया, तो दूसरे का टोकन और पट्टा होने के बावजूद धान जब्त कर लिया गया। प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ ने कहा कि अगर सरकार वाकई किसानों की हितैषी है तो रकबा समर्पण और भौतिक सत्यापन के नाम पर उत्पीड़न बंद करे, सभी किसानों को टोकन दे और धान खरीदी की समय-सीमा 28 फरवरी तक बढ़ाए।


