बलरामपुर में भारतीय किसान संघ ने धान खरीदी व्यवस्था में व्याप्त विसंगतियों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संघ ने धान खरीदी की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक बढ़ाने और प्रक्रिया में सुधार की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इस वर्ष धान खरीदी की शुरुआत से ही किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। टोकन जारी न होना, खरीदी सीमा में कमी और खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था के कारण किसान अपनी उपज बेचने के लिए महीनों से भटक रहे हैं। भौतिक सत्यापन पर सवाल, किसानों में आक्रोश संघ ने भौतिक सत्यापन के नाम पर किसानों की ईमानदारी पर संदेह करने का भी आरोप लगाया, जिससे किसानों में आक्रोश है। किसान संघ ने बताया कि धान खरीदी सत्र समाप्त होने में अब केवल लगभग 15 दिन शेष हैं, जबकि अभी तक लगभग 60 प्रतिशत धान की ही खरीदी हो पाई है। मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे किसान खाद, बिजली और पानी जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे किसानों को अब अपनी उपज बेचने के समय भी प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे किसानों के साथ सीधा अन्याय बताया गया है। संघ की प्रमुख मांगों में सभी समितियों में धान खरीदी की लिमिट तत्काल प्रभाव से बढ़ाना और खरीदी प्रक्रिया को 15 फरवरी तक जारी रखना शामिल है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पंजीकृत किसान सम्मानपूर्वक अपनी उपज बेच सके। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया, तो किसान संघ आंदोलन को और अधिक व्यापक-उग्र करेगा। संघ ने इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन पर डाली है।


