धान बेचने के बाद पैसे निकालने मशक्कत बैंक में नकद की कमी,

भास्कर न्यूज | कवर्धा जिले में होली पर्व कई किसानों के लिए फीकी पड़ गई है। क्योंकि, धान बेचने के बाद अंतर की राशि निकालने में इन किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। दरअसल, होली पर्व से पहले 28 फरवरी को राज्य सरकार ने जिले के एक लाख 17 हजार 344 किसान को 461.82 करोड़ रुपए जारी किए है। अब इन रुपए को निकालने किसानों की भीड़ उमड़ी पड़ी है। जिले के ज्यादातर किसानों का खाता जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में है। इन बैंक में बीते दो दिन सोमवार व मंगलवार को पैर रखने तक की जगह नहीं थी। इन बैंकों में सामान्य दिनों में 200-250 लोग पहुंचते हैं, लेकिन, अब 600 से ज्यादा लोग पहुंच रहे। स्थिति ऐसी बन गई है कि बैंक खुलने से पहले किसानों को लाइन लगना पड़ रहा है। कई सहकारी बैंक में नकद की कमी है, एक किसान को मात्र 10 हजार रुपए दिए जा रहें थे। पूरे जिले में सहकारी बैंक की कुल 18 ब्रांच है, इन सभी भी भीड़ लगी हुई है। रुपए निकालने सुबह 10 बजे से बैंक में कतार लगा कर बैठे रहे किसान पर दोपहर तीन बजे तक बारी नहीं आई। किसानों की भीड़ रही, देर शाम तक रुपए दिए गए सोमवार व मंगलवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा कुंडा खुला रहा। यहां किसानों की भीड़ रहीं। किसान मायूस दिखे। किसानों की भीड़ इतनी अधिक है कि रुपए निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है। बैंक मैनेजर आरके डाहिरे ने बताया कि यहां बीते दो दिनों में अच्छी खासी भीड़ थी। मंगलवार शाम तक जो किसान हमारे ब्रांच में आए थे, उन्हें राशि दी गई है। केवाईसी नहीं होने से खाली हाथ लौटना पड़ा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दशरंगपुर में भी किसानों की लंबी लाइन देखी गई। बैंक परिसर के आसपास छाया और बैठने की सुविधा भी नहीं है, जिसके कारण ग्राहकों को बैंक परिसर के पास जमीन पर ही बैठना पड़ रहा है। यहां मंगलवार को कई ग्राहकों का केवाईसी नहीं होने से खाली हाथ लौटना पड़ा है। रेंगाखार जंगल के बैंक में भी समस्या रही। 30 करोड़ निकाले, एटीएम नहीं होने से बढ़ी परेशानी अंतर राशि निकासी के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में किसानों की भीड़ लगी हुई है। बीते दो दिनों में लगभग 30 करोड़ रुपए आहरित किए जा चुके हैं, लेकिन एटीएम कार्ड नहीं होने से बड़ी संख्या में किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में बैंक के एटीएम उपलब्ध हैं, फिर भी कई किसानों के पास कार्ड नहीं है। ऐसे में उन्हें नकदी निकालने के लिए बार-बार बैंक शाखा का चक्कर लगाना पड़ रहा है। लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि हो रही है।किसानों का कहना है कि यदि समय पर एटीएम कार्ड उपलब्ध कराए गए होते, तो यह परेशानी नहीं होती। उन्होंने बैंक प्रबंधन से शीघ्र एटीएम वितरण की मांग की है।

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