धार जिले में आगामी त्योहारों और परीक्षाओं के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश संपूर्ण धार जिले की राजस्व सीमा में लागू किया गया है। अपर जिला दंडाधिकारी संजीव केशव पांडेय ने ये निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार, कोई भी व्यक्ति, वक्ता या राजनीतिक दल किसी धर्म, जाति या व्यक्ति विशेष के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करेगा। साथ ही, सांप्रदायिक उन्माद या जातिगत तनाव उत्पन्न करने वाली सामग्री का प्रचार-प्रसार भी प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न करना और यातायात व्यवस्था में बाधा डालना भी वर्जित है। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पाँच या पाँच से अधिक व्यक्ति धरना, जुलूस, रैली या प्रदर्शन के लिए एकत्रित नहीं हो सकेंगे। इसके अतिरिक्त, कोई भी व्यक्ति हथियार, अग्निशस्त्र, विस्फोटक सामग्री या आक्रमण में प्रयुक्त होने वाले चाकू, तलवार, भाला, बरछी आदि लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं चलेगा और न ही इनका प्रदर्शन करेगा। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वाहन के अतिरिक्त किसी भी बोतल या कंटेनर में पेट्रोल-डीजल का विक्रय न करें। होटल, लॉज, धर्मशाला और गेस्ट हाउस संचालकों को प्रत्येक आगंतुक का विवरण गेस्ट रजिस्टर में दर्ज करने और पहचान सत्यापन के बाद ही कमरा आवंटित करने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन प्रतिबंधित रहेगा। होली पर्व के दौरान जबरन रंग या पानी डालना तथा नशे की हालत में उत्पात करना भी वर्जित किया गया है। जिले के सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भीड़ जुटाने, लाउडस्पीकर या डीजे के उपयोग पर रोक रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 27 मार्च 2026 तक प्रभावशील रहेगा।


