धार जिले में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास धार, सुभाष जैन के निर्देश पर, वन स्टॉप सेंटर धार ने हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वुमन के तहत धार तहसील के ग्राम देलमी में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में महिलाओं को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और यह समाज के लिए एक गंभीर अभिशाप है। बसंत पंचमी के अवसर पर होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को विशेष रूप से जागरूक किया गया। उन्हें प्रेरित किया गया कि यदि उन्हें कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल महिला एवं बाल विकास विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचित करें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम में बाल विवाह की रोकथाम के लिए पॉक्सो अधिनियम 2012, बालिका शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। इसके अतिरिक्त, महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए विभिन्न कानूनों जैसे घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण) अधिनियम 2013, भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, महिला ऊर्जा हेल्प डेस्क, महिला थाना और दहेज निषेध अधिनियम के तहत की जाने वाली कार्यवाहियों की जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से एक ही छत के नीचे पुलिस सहायता, सुरक्षित आश्रय, आपातकालीन सहायता, परामर्श, स्वास्थ्य सेवाएं और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित महिलाओं को महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस हेल्पलाइन 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर जागरूक किया गया।


