धार जिले के बरमंडल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार को एक विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिकों ने भाग लिया और कार्यक्रम के बाद समरसता भोज में भोजन प्रसादी ग्रहण की। सम्मेलन का आयोजन महंत दुर्गादास महाराज चिचोड़िया, निर्वाण अखाड़ा के संत सत्यनारायण दास महाराज टांडाखेड़ा, जिला सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख राहुल डोडिया, राष्ट्रसेविका श्वेता पाटीदार और तनिषा पाटीदार के आतिथ्य में हुआ। अतिथियों ने सर्वप्रथम भारत माता के चित्र का पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सर्वसमाज द्वारा आगंतुक अतिथियों का पुष्प हारों से स्वागत किया गया। पुष्पेंद्रसिंह चौहान ने अतिथि परिचय दिया। इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसमें ‘बेटी बचाओ अभियान’ के तहत बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम विशेष रूप से सराहा गया। विक्रम पाटीदार ने कार्यक्रम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता बोलीं- समानता का संदेश देता है हिंदू धर्म
मुख्य वक्ता राष्ट्रसेविका श्वेता पाटीदार ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू धर्म समानता का संदेश देता है और किसी भी प्रकार के भेदभाव की अनुमति नहीं देता। उन्होंने परिवार में कुटुंब प्रबोधन, बच्चों को मोबाइल से दूर रखने, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अपनाने और धार्मिक आयोजनों में सहभागिता पर जोर दिया। जिला सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख राहुल डोडिया ने संघ की 1925 में स्थापना से लेकर शताब्दी वर्ष तक की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ सौ वर्षों से निरंतर समाज को एकजुट करने का कार्य कर रहा है। राष्ट्रभक्त पप्पालाल जाट ने हिंदू संस्कृति की रक्षा और ग्राम स्तर पर एकता बनाए रखने का आह्वान किया। ओजस्वी वक्ता मुकेश शर्मा ने कहा कि आज की पीढ़ी सौभाग्यशाली है, जिसने अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण देखा। कार्यक्रम में पधारे संतजनों का शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन महेश मारू और विक्रम पाटीदार ने किया, जबकि आभार मुकेश शर्मा ने व्यक्त किया।


