धार में 10 जनवरी से लगेगा स्वदेशी मेला:मां वाग्देवी सरस्वती का बनेगा मंदिर; लगेंगे 85 स्टॉल

धार में स्वदेशी जागरण मंच के द्वारा स्वदेशी मेला लगने जा रहा है। मेले में मुख्य रूप से मां वाग्देवी सरस्वती की प्रतिकृति भी स्थापित की जाएगी। जिस प्रकार से हिंदू संस्कृति में दिन की शुरुआत मंदिर से की जाती है उसी प्रकार मेले के प्रवेश द्वार के नजदीक मां वाग्देवी का मंदिर बनाकर चित्र स्थापित किया जाएगा। 10 जनवरी से मेले की शुरुआत होगी। मेला सह संयोजक दीपक बिड़कर ने बताया कि मेले में 85 स्टॉल लगने वाले हैं। 60 स्टॉल बाहरी उद्यमियों को और शेष स्टॉल स्थानीय युवा उद्यमियों व हस्तशिल्पियों को आवंटित किए जाएंगे, जिनमें पूर्ण रूप से स्वदेशी उत्पाद ही बेचा जाएगा। मेले में देश और राज्य की संस्कृति, कला हस्तशिल्प, खानपान आदि की झलक देखने को मिलेगी। स्वदेशी मेले में ग्रामीण परिवेश की थीम पर भी काम किया जाएगा। इसी के साथ मेला स्थान पर महाराजा भोज स्वालंबन नगर भी बनाया जाएगा, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर उद्यमियों और हस्तशिल्पियों को व्यापार के लिए निःशुल्क स्थान प्रदान किया जाएगा। मेला सह संयोजक ममता जोशी ने बताया कि मेले में महिलाओं को भी सामन रूप से अवसर दिया जाएगा। स्वदेशी मेले के माध्यम से स्वदेशी जागरण मंच युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने का काम कर रहा हैं। बता दें, इसकी जानकारी देने के लिए बुधवार को स्वदेशी जागरण मंच प्रेसवार्ता कि इस दौरान इसकी मालवा प्रांत के सह संयोजक डॉ विशाल पुरोहित ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच स्वदेशी मेले के माध्यम से स्वदेशी उद्योगों एवं संस्कृति के विकास के लिए जनता में जागरूकता पैदा करना है। इसी विषय को लेकर धार नगर में भी स्वदेशी मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं लघु भारत की एक झलक दिखने का प्रयत्न किया जाएगा। बैंक लगा रहे स्टॉल डॉ पुरोहित ने कहा संघ के पंच परिवर्तन के विचार के आधार पर स्वदेशी मेले में काम किया जा रहा है। पंच परिवर्तन में प्रमुखरूप से स्वदेशी, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक शिष्टाचार और पर्यावरण संरक्षण को मेला का आधार बनाया है। युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंक के माध्यम से लोन के लिए बैंक भी अपने स्टाल लगाने वाले है। वहीं सरकारी स्वरोजगार की योजनाओं का प्रदर्शन भी मेले में किया जाएगा जिस से युवाओं में स्वरोजगार की प्रेरणा मिले और देश उन्नत भारत बने। इस दौरान स्वदेशी मेला सह संयोजक दीपक बिड़कर, कालीचरण सोनवानिया, मिलन पाल, ममता जोशी, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख स्वप्नजा बीडकर मौजूद रहें।

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