उदयपुर में धूलकोट चौराहे पर महावीर हनुमान मंदिर में राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा हुई। तीन दिवसीय कार्यक्रम के बाद मंगलवार को महाआरती और भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए। वही इस मौके पर भगवान राम, लक्ष्मण और सीता माता के साथ ही हनुमान जी को 56 भोग धराया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष हरीश वर्मा ने बताया कि 23 नवंबर को हेमाद्रि श्रवण, दशविद स्नान, स्थापित देव पूजन मंडप प्रवेश एवं ग्रह शांति की परंपरा हुई। इसके बाद 24 नवंबर कलश यात्रा और मूर्ति भ्रमण के बाद विशेष पूजा हुई। ट्रस्ट के महासचिव सीपी बंसल ने बताया कि कलश यात्रा और मूर्ति भ्रमण के बाद मंगलवार को शुभ मुहूर्त में मूर्ति संस्कार और प्राण प्रतिष्ठा हुई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की ताल के बीच राम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमानजी की प्रतिमाएं विधिवत विराजमान की गईं। इसके बाद 56 भोग अर्पित किया गया और महाआरती हुई। इसके बाद भजन संध्या-महाप्रसादी का आयोजन हुआ। देर रात चली भजना संध्या में श्रीराम, हनुमानजी, सांवलिया सेठ और बाबा खाटूश्याम के भजनों पर की प्रस्तुतियां हुई। जिस पर भजन झूूमते दिखे। भजन संध्या ने आयोजन को चरम पर पहुंचा दिया। लोग ने ताल, थाप और झूमते कदमों के साथ भक्ति रस में डूबे रहे। कई परिवार देर रात तक रुके रहे।


