धूल के गुबार से जनजीवन अस्त-व्यस्त, किया विरोध

भास्कर न्यूज | नारायणपुर जिला मुख्यालय से ओरछा की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित आमदई लौह अयस्क खदान अब स्थानीय ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। खदान से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भारी वाहनों की आवाजाही से नारायणपुर-छोटेडोंगर मार्ग की हालत खस्ताहाल हो गई है। सड़क की डामर परत पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। गर्मी में यह मार्ग धूल के गुबार में तब्दील हो जाता है, जिससे सड़क के दोनों ओर बसे गांवों के लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बारिश के मौसम में यही मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे न केवल राहगीरों को परेशानी होती है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इस स्थिति से त्रस्त होकर कनेरा गांव की सैकड़ों महिलाएं मुख्य सड़क पर उतर आईं और चक्काजाम कर खदान से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया। सुबह से लेकर शाम तक करीब आठ घंटे तक मार्ग पूरी तरह जाम रहा, जिससे दोनों ओर ट्रकों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों का कहना है कि खदान से तो कंपनियों को मुनाफा हो रहा है, लेकिन इसकी कीमत आम नागरिकों को अपनी सेहत और सुविधा गंवाकर चुकानी पड़ रही है। महिलाओं ने मांग की है कि खस्ताहाल सड़क का शीघ्र निर्माण कराया जाए और जब तक निर्माण नहीं होता, तब तक नियमित रूप से सड़क पर पानी का छिड़काव कराया जाए, ताकि धूल से राहत मिल सके। घटना की सूचना मिलते ही छोटेडोंगर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और निको कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों से चर्चा की। कंपनी की ओर से तत्काल पानी के टैंकर मंगाकर सड़क पर छिड़काव कराया।

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