धौलपुर जिले ने भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के तहत मतदाता सूची के डिजिटाइजेशन कार्य में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीनिधि बी टी ने इस उपलब्धि के लिए टीम धौलपुर की कार्यकुशलता और समर्पण की सराहना की। यह सफलता जिले के निर्वाचन तंत्र की सक्रियता और मैदानी अमले के अथक प्रयासों का परिणाम है। श्रीनिधि बी टी ने बताया कि यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि एक सुनियोजित कार्यप्रणाली का नतीजा है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी, सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों ने एक इकाई के रूप में कार्य करते हुए इस लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया। प्रशासन ने इस दौरान प्रत्येक स्तर पर आने वाली तकनीकी बाधाओं का त्वरित निवारण सुनिश्चित किया, जिससे कार्य में अपेक्षित गति बनी रही। जिले की इस उपलब्धि के पीछे सूक्ष्म कार्ययोजना और नियमित समीक्षा की अहम भूमिका रही। जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक मजबूत संवाद स्थापित किया गया। कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त तकनीकी सहायता प्रदान की गई और कार्मिकों को लगातार प्रेरित किया गया। डिजिटाइजेशन चरण पूर्ण होने के बाद, जिला निर्वाचन अधिकारी ने अभियान के अगले और सबसे महत्वपूर्ण चरण के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को अनमैप्ड मतदाताओं और ऐबसेंट, शिफ्टेड, डेड (ASD) श्रेणी के मतदाताओं का गहनता से सत्यापन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे, इसके लिए इन श्रेणियों का भौतिक सत्यापन और निस्तारण पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य केवल नाम जोड़ना नहीं, बल्कि एक ऐसी मतदाता सूची तैयार करना है जो पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिरहित हो। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी कार्मिकों से आह्वान किया है कि वे इसी ऊर्जा और निष्ठा के साथ सत्यापन कार्य में जुट जाएं, ताकि धौलपुर जिला न केवल आंकड़ों में बल्कि डेटा की शुद्धता में भी राज्य में अग्रणी भूमिका निभा सके।


