प्रदेश की अर्थव्यवस्था को अगले 6 साल में दोगुना करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार कई सरकारी सेक्टर को प्राइवेट क्षेत्र के लिए खोलने जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही 10 और नीतियां लेकर आ रही है। यह नीतियां 24 व 25 फरवरी को होने जा रही जीआईएस समिट से पहले आ जाएंगी। अब तक राज्य सरकार इसी तरह की 11 पॉलिसीज को मंजूरी दे चुकी है, जिसमें उद्योग संवर्धन नीति 2025 मदर पॉलिसी है, जिसमें सेक्टर वाइज 10 अन्य नीतियों को समाहित किया गया है।
नई प्रस्तावित नीतियों में जिला अस्पतालों के साथ पीपीपी मोड पर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खोलने की नीति से लेकर जल संसाधन विभाग की प्राइवेट पाइप्ड नहरें बनाने और सरकार वन भूमि को व्यावसायिक प्लांटेशन के लिए लीज पर देने की नीति समेत पराली के बायोफ्यूल निर्माण की पॉलिसी भी शामिल हैं। मप्र में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार के स्टार्टअप इंडिया की तरह की राज्य स्तर पर एक बैंकों के साथ मिलकर स्टार्टअप प्रोत्साहन फंड बनाने जा रही है। रोजगार बढ़ाने के साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने की संभावना वाले चयनित स्टार्टअप को इस फंड से राज्य सरकार आर्थिक मदद करेगी। अब तक इन 11 नीतियों को मंजूरी
मप्र उद्योग संवर्धन नीति (मदर पॉलिसी- सेक्टर-वाइज 10 उप नीतियों समेत)
लॉजिस्टिक नीति {निर्यात प्रोत्साहन नीति {पंप हाइड्रो स्टोरेज पॉलिसी {सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी {ग्लोबल केपेसिटी सेंटर पॉलिसी {एवीजीसी-एकआर पॉलिसी {सेमी कंडक्टर पॉलिसी {ड्रोन पॉलिसी {टूरिज्म इन्वेस्टमेंट पॉलिसी फिल्म टूरिज्म पॉलिसी


