भास्कर न्यूज | बालोद आखिरकार जिला मुख्यालय में कन्या कॉलेज के पीछे 1.90 करोड़ रुपए की लागत से तैयार बिल्डिंग में प्री मैट्रिक अन्य पिछड़ा वर्ग बालक छात्रावास के स्टूडेंट्स को शिफ्ट कर दिया गया है। जिसकी पुष्टि सोमवार को करते हुए आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त विजय कंवर ने बताया कि शिफ्टिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद वर्तमान में 36 स्टूडेंट्स रह रहे हैं। अगले सत्र से निर्धारित लिमिट अनुसार 50 स्टूडेंट्स रहेंगे। गौरतलब है कि नई बिल्डिंग तैयार होने व हैंडओवर के बाद शोपीस साबित हो रहा था। इस संबंध में दैनिक भास्कर ने 18 दिसंबर को खबर प्रकाशित किया। जिसके बाद जिम्मेदार अफसर हरकत में आए। आदिवासी विकास विभाग के अनुसार नई बिल्डिंग पिछले साल जून माह में तैयार हुई थी बावजूद लीड कॉलेज के पीछे विभाग के छात्रावास भवन में 36 बच्चे रहने मजबूर हो रहें थे। 2 साल तक किराए के भवन में रह रहे थे छात्र बिल्डिंग नहीं बनने की वजह से लगभग दो साल तक किराया के भवन में बच्चों को रखने की नौबत आई थी। जबकि प्री मैट्रिक अन्य पिछड़ा वर्ग बालक छात्रावास भवन निर्माण के लिए शासन की ओर से एक करोड़ 90 लाख 70 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति पांच साल पहले दी गई थी। जिसके बाद निर्माण कार्य शुरु कराने आदिवासी विकास शाखा की ओर से जगह फाइनल कर टेंडर जारी किया गया था। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में जिले में पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास खोलने की स्वीकृति शासन ने दी थी।


