भास्कर न्यूज | जांजगीर खरसिया-नवा रायपुर रेलवे परियोजना के अंतर्गत 278 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाने के लिए जिले में भूमि सर्वेक्षण का कार्य धान कटाई पूरी होने के बाद शुरू हो गया है। रेलवे और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अब गांवों में पहुंचकर प्रस्तावित रेलवे लाइन क्षेत्र में आने वाले खसरा नंबरों को चिह्नांकित कर रहे हैं। खसरा नंबरों के चिह्नांकन के बाद भूमि अधिग्रहण के लिए संबंधित खसरा नंबर और प्लॉट नंबर का प्रकाशन राजपत्र में किया जाएगा। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। नवागढ़, खैरताल और गंगाजल गांवों में प्रारंभिक सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। रेलवे की इस परियोजना के अंतर्गत जिले की नवागढ़, बम्हनीडीह, शिवरीनारायण व पामगढ़ तहसील के 28 गांव अधिग्रहण क्षेत्र में आएंगे। प्रदेश में इस वर्ष बजट में रेलवे लाइन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जो नवा रायपुर से एक ओर दुर्ग और दूसरी ओर रेल लाइन बलौदा बाजार के 16 गांवों से होकर गुजरेगी। पहले दो गांवों में रेलवे स्टेशन भी बनाए जाएंगे। इस क्षेत्र में सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। 26 दिसंबर को रेलवे द्वारा भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए गांवों की लगभग 199.32 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। 266 किमी लंबी रेलवे लाइन के निर्माण में करीब 49 सौ करोड़ रुपए खर्च होंगे। काम पूरा होने में करीब चार से पांच साल लगेंगे। लाइन का कॉमर्शियल इस्तेमाल होगा। जिन इलाकों से गुजरेगी, वहां सीमेंट तथा अन्य उद्योग बड़ी संख्या में हैं। इसलिए यह रूट ढुलाई के लिए उपयोग होगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में स्टेशन भी बनाएं जाएंगे। बलौदाबाजार-जांजगीर-ख रसिया को जोड़ेगी। रेल मार्ग से पूरी तरह अलग होगी और नए क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। रायपुर से बलौदाबाजार व खरसिया के बीच स्थित 100 से अधिक कस्बों और छोटे-बड़े गांवों आपस में जुड़ जाएंगे। जिले के इन गांवों से होकर गुजरेगी नई रेल लाइन रेल परियेाजना में करनौद, तिवारीपारा, देवरी, लोहर्सी, खोरसी, हदहा, तनौद, कमरीद, कोढाभाट, भुइगांव, चुरतेला, खरखौद, खैराडीह, शुक्लाभाठा, ससहा, पेंड्री, बरगांव, किरीत, खैरताल, खपराडीह, तेंदुआ, तुलसी, गंगाजल, कटौद, कुरयारी, बेल्हा, कपिस्दा और कनकपुर शामिल हैं। यहां से रेल लाइन होकर गुजरेगी।


