नई शुरुआत:72 घंटे तक बर्फ में दबे रहने के बाद भी जिंदा बचने वाले अनुराग अब ग्लेशियर्स बचाने की मुहिम में जुटे

72 घंटे बर्फ में दबे रहने के बाद भी जिंदा बचे पर्वतारोही अनुराग मालू ने कहा कि जिन ग्लेशियर्स ने उसकी जान बचाई थी, अब वे जीवनपर्यंत उन्हें बचाने के लिए काम करेंगे। अनुराग काे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने 2025 के लिए यंग ग्लोबल लीडर चुना है। 40 से कम उम्र के भारत से 7 और दुनिया के 140 लीडर्स में शामिल अनुराग ग्लेशियर्स को बचाने की मुहिम चला रहे हैं। 80 मीटर गहरी खाई में गिरे थे अप्रैल 2023 में नेपाल के माउंट अन्नपूर्णा (8,091 मीटर) पर चढ़ाई के दौरान अनुराग 80 मीटर गहरी बर्फीली खाई में गिर गए। कैंप-3 से कैंप-2 की ओर लौटते टूटी रस्सी का सहारा लेने पर अनुराग बर्फ में दब गए। 3 दिन तक बिना खाए-पिए पड़े रहे। बर्फ में दबे रहने के कारण शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। 10 सर्जरी और डेढ़ साल की रिकवरी के बाद खुद को संभाला और अब एक बड़े मिशन की शुरुआत की। ग्लेशियर्स धरती के लाइफ स्टोर अनुराग बताते हैं कि ग्लेशियर्स धरती के लिए लाइफ स्टोर हैं। ये विश्व का 70% ताजा पेयजल देते हैं। यदि ये पिघलते रहे तो समुद्र का स्तर 70 मीटर बढ़ सकता है, जो तटीय इलाकों को डुबो देगा। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के यंग ग्लोबल लीडर प्रोग्राम के प्रमुख जेंग क्रिस्टेंसन कहते हैं कि अनुराग का चयन उनकी 15 साल की उपलब्धियों, जैसे स्टार्टअप ईकोसिस्टम निर्माण, सामाजिक प्रभाव और सतत विकास के लिए काम के आधार पर हुआ। वे ओरोफाइल वेंचर्स के संस्थापक हैं। टेकस्टार्स, सीडस्टार्स जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर स्टार्टअप्स को बढ़ावा देते हैं।

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