भास्कर न्यूज | कोडरमा| तीन नए आपराधिक कानूनों के सही क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को बिरसा सांस्कृतिक भवन में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में पुलिस पदाधिकारी, अनुसंधानकर्ता, चिकित्सक, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हुए। लोक अभियोजक शिव शंकर राम और सहायक लोक अभियोजक मनोज मौर्य ने नए कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण में पुलिस अधिकारियों को वैज्ञानिक जांच, रिमांड प्रक्रिया और मामलों के अनुसंधान के सही तरीके बताए गए। चिकित्सकों को जख्म प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई। खासकर मारपीट और दुष्कर्म मामलों में सटीक रिपोर्टिंग पर जोर दिया गया। पैरामेडिकल स्टाफ को भी उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में बताया गया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए कानूनों के तहत मामलों की जांच प्रभावी तरीके से हो। वरीय अधिकारी कनिष्ठ अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करें और समय-समय पर जरूरी दिशा-निर्देश दें। उन्होंने कहा कि नए कानून आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार और नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लागू किए गए हैं। इनका उद्देश्य पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करना है, खासकर महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के लिए। उन्होंने कहा कि कड़े प्रावधानों और सख्त जांच प्रक्रियाओं से न्याय प्रणाली में विश्वास बढ़ेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस और मेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।


